महराजगंज थाना क्षेत्र के रग्घूपुर बाजार में 17 सितंबर 2016 की दोपहर हुई बैंक डकैती में शामिल जिन दो बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का दावा पुलिस ने किया था। उसमें से एक ने अपना नाम और पता गलत बताया था। इसका खुलासा बुधवार को उस वक्त हुआ, जब एसओ बिलरियागंज उस बदमाश पर लगे गैंगेस्टर मामले की जांच करने जेल पहुंचे। बदमाश की तरफ से किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर थानाध्यक्ष ने महराजगंज थाने में उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। अब बैंक डकैती कांड से जुड़े मामलों का पुन: नए सिरे से विवेचना की जाएगी।
महराजगंज थाना क्षेत्र के रग्घूपुर बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है। 17 सितंबर 2016 की दोपहर दो बाइक पर सवार छह बदमाश पहुंचे और बैंक में घुसकर कैशियर को बंधक बनाकर 6.50 लाख रुपये लूट लिया। दिनदहाड़े बैंक डकैती की घटना से हड़कंप मच गया। पुलिस बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए जुट गई। सात अक्तूबर 2016 को महराजगंज थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शिशिर त्रिवेदी और एसओ रौनापार सुरेश चंद ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के दावे के मुताबिक, गिरफ्तार किए जाने वालों में प्रमोद यादव और दूसरा आशीष मौर्य पुत्र सत्यनारायण शामिल हैं। आशीष मौर्य ने अपना घर जहानागंज थाना क्षेत्र के कुंजी गांव बताया था। तभी से यह दोनों बदमाश जेल में हैं। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने पर पुलिस बदमाशों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, प्रभारी निरीक्षक महराजगंज अशोक चंद दूबे ने आशीष मौर्य और पंकज यादव पर गैंगेस्टर लगाया।
इसकी जांच एसओ बिलरियागंज रामनरेश यादव को मिली। बुधवार को एसओ बिलरियागंज जांच करने जेल में पहुंचे तो आशीष मौर्य को पहचान लिया। आशीष का असली नाम करिया उर्फ सिद्धनाथ है। वह जहानागंज थाना क्षेत्र के बदनपुर गांव निवासी विक्रम का पुत्र है। आशीष की तरफ से किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर एसओ बिलरियागंज ने उसके विरुद्ध महराजगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसओ की माने तो यदि पुलिस बुधवार को जेल में जांच करने नहीं पहुंचती तो गुरुवार को वह जमानत कराकर फरार हो जाता। तब उसे ढूंढने में काफी परेशानी होती। प्रभारी निरीक्षक महराजगंज अशोक चंद दूबे ने बताया कि अब बैंक डकैती के मामले की पुन: विवेचना कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।