आईएस के हालिया वीडियो में संजरपुर निवासी मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा साजिद और अबू राशिद अहमद की पहचान होने का दावा किए जाने के बाद खुफिया एजेंसियां जहां सतर्क हो गई हैं वहीं दोनों के परिवार वालों ने इस वीडियो को साजिश का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि इससे पहले खुफिया एजेंसियों ने दोनों के आईएस में शामिल होने और कुछ समय बाद साजिद के मारे जाने की बात की थी। अब उनकी ओर से भारत में तबाही मचाने की धमकी देने की बात की जा रही है। ऐसे में इन खुफिया एजेंसियों की कौन-सी बात सही मानी जाए, यह समझ से परे है।
बड़ा साजिद के बड़े भाई शाकिर ने मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वाराणसी बम ब्लास्ट और देश के अन्य हिस्सों में हुई घटनाओं में साजिद का हाथ की बात फैलाई गई थी। इसके पहले उसके विदेश जाने की बात बताई गई। इससे पहले बड़ा साजिद के मारे जाने की बात की गई और अब आईएस के नए वीडियो में साजिद के मौजूद होेने की बात कही जा रही है। हमें ये सूचनाएं मीडिया के जरिये मिल रही हैं। अभी कोई अधिकारी या खुफिया एजेंसी इस संबंध में पूछताछ करने हमारे पास नहीं आए हैं लेकिन आईएस के वीडियो में जो शक्ल बताई जा रही है वह साजिद से मेल नहीं खाती है। आरोप लगाया कि लड़कों के फोटो और पासपोर्ट भी जांच एजेंसियों के पास हैं, इससे एजेंसियां जैसा चाहें फोटो बनाकर इस्तेमाल कर सकती हैं।
उधर, संदिग्ध अबू राशिद के बड़े भाई अबू शाद अहमद का कहना है कि एनआईए नए वीडियो का शिगूफा छोड़कर नया षडयंत्र रच रही है। कहा कि उनका भाई अबू शाद संजरपुर में था। वह बाटला कांड के बाद गांव आया था। तभी मुंबई में रहने वाले मेरे परिवार के एक भाई को थाने में बैठाकर परिवार के दूसरे लोगों का परेशान किया। हमने क्राइम ब्रांच मुंबई के कहने पर अबू राशिद को ट्रेन से मुंबई भेजा। फोर्स के लोग बराबर अबू राशिद से बात करते रहे। उसी समय से अबू राशिद गायब है। अब उसका पता ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजरपुर के नौजवानों को पढ़ने से रोकने और फंसाने की साजिश की जा रही है।
वीडियो की हकीकत जानने पहुंचा मीडिया
वीडियो में बड़ा साजिद और अबू राशिद अहमद की पहचान होने और धमकी दिए जाने की बात सामने आने पर मंगलवार को मीडिया के लोग संजरपुर पहुंचे और हकीकत जानने का प्रयास किया। इस वीडियो के जारी होने के बाद संजरपुर फिर सुर्खियों में आ गया है। पिछले दिनों हिंसक घटनाएं होने के बाद एटीएस के आईजी असीम अरुण भी आए थे।
बाटला कांड के बाद आए राडार पर ः बड़ा साजिद और अबू राशिद 12 सितंबर, 2008 में दिल्ली के बाटला कांड के बाद खुफिया एजेंसियों की नजर में चढ़ गए। बाटला कांड में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। इसके बाद दोनों का पता नहीं है। 2005 से लेकर 2008 तक इंडियन मुजाहिदीन की ओर से किए गए बम धमाकों और अहमदाबाद तथा जयपुर में हुए धारावाहिक बम विस्फोटों में दोनों को संदिग्ध माना गया था। एनआईए ने दोनों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।