न्यायालय में पेशी के लिए मंगलवार को जिला कारागार से लाया गया बलात्कार का आरोपी बंदी सिपाही को धक्का देकर फरार हो गया। इस घटना के बाद कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया। उसकी तलाश में पुलिस ने उसके रिश्तेदारों समेत अन्य ठिकानों पर दबिश दी लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के ओघनी गांव निवासी अश्वनी सिंह सोनू पुत्र महेंद्र सिंह क्षेत्र की एक किशोरी को भगा ले गया था।
पुलिस ने उसे 23 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। 24 अगस्त को बलात्कार, बहला-फुसला कर किशोरी को भगाने समेत कई धाराओं में उसका चालान किया गया था। तभी से वह जिला कारागार में निरुद्ध था। मंगलवार को अश्वनी की न्यायालय में पेशी थी। मेहनाजपुर पुलिस ने अन्य घटनाओं में पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
दोपहर में दीवानी न्यायालय परिसर स्थित लाकअप से निकालकर एक सिपाही अश्वनी को कोर्ट नंबर एक में पेशी के लिए ले गया था। अदालत में पेश करने के बाद सिपाही उसे लेकर लाकअप की तरफ आ रहा था। इसी बीच अश्वनी ने सिपाही को धक्का देकर गिरा दिया और भाग निकला। सिपाही शोर मचाने लगा तो कुछ वकीलों और वादकारी उसे पकड़ने के लिए दौड़े पर वह सभी को छकाते हुए रोडवेज की तरफ भाग गया। अश्वनी के फरार होने की सूचना मिलने पर एसओ मेहनाजपुर ने उसके गांव, नात रिश्तेदारों सहित अन्य ठिकानों पर दबिश दी।
बता दें कि इससे पूर्व 27 जुलाई 2015 को दीवानी न्यायालय के लाकअप की दीवार तोड़कर तीन बंदी रिंकू माली, कमलेश सरोज और कृष्णा विश्वकर्मा भाग चुके हैं। फरार इन तीनों बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थी लेकिन अभी तक किसी भी टीम को कोई सफलता नहीं मिली।