निजामाबाद और सरायमीर क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की दिन-रात कांबिंग से स्थिति नियंत्रण में हैं। क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति है।
सोमवार की रात कोई हिंसक घटना नहीं हुई। लापरवाही के आरोप में निजामाबाद थानाध्यक्ष विवेक यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इंटरनेट बंद होने के बावजूद अफवाहों का दौर थमा नहीं।नेवादा में दो लोगों को धमकाने की शिकायत मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई।
खुदादादपुर निवासी मुसाफिर और एक अन्य युवक के बीच 3 मई को टेंपो भाड़े को लेकर हुआ विवाद ऐसा हिंसक रूप ले लेगा, इसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। मामूली बात को लेकर दो समुदायों के लोगों के आमने-सामने आने के पीछे कारण चाहे जो भी हो लेकिन सच यही है कि कहीं न कहीं मामला पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये से ही बिगड़ा। अबतक की जांच में यह बात सामने आई है कि 3 मई के विवाद में कड़ी कार्रवाई होती तो यह स्थिति नहीं आती।
मंगलवार की दोपहर आईजी वाराणसी जोन एसके भगत, एसटीएफ के आईजी रामकुमार, डीएम और एसपी ने फरिंहां पुलिस चौकी पर डेढ़ घंटे तक बैठक कर पूरे घटनाक्रम पर मंथन किया। इसके बाद अधिकारी निजामाबाद थाने पर गए। पता चला है कि पुलिस पहले हुई घटनाओं में दर्ज मामलों और मुसाफिर की पृष्ठभूमि को खंगाल रही है। उधर, पुलिस के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में सोमवार की रात खुदादादपुर, दाउदपुर, फरिदाबाद, वनगांव समेत आसपास के गांवों में पुलिस ने कई स्थानों पर छापा मारा। अर्धसैनिक बल के जवान पूरे प्रभावित रहे क्षेत्र में सारी रात भ्रमण करते रहे। पुलिस की दबिश से चिह्नित आरोपियों के परिवार में दहशत है। कई लोगों ने घर छोड़ दिया है। उधर, हिंसक घटनाओं में सक्रिय भूमिका न निभाने के आरोप में निजामाबाद के थानाध्यक्ष विवेक यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि जगदीश उपाध्याय वहां का एसओ बनाया गया है।