कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता राजनरायन सिंह हत्याकांड में नामजद दूसरे आरोपी को सिधारी थाने की पुलिस ने रविवार की भोर में मूसेपुर रेलवे फाटक के पास से गिरफ्तार कर लिया। वह कहीं भागने की फिराक में ट्रेन पकड़ने जा रहा था। इस घटना में नामजद पूर्व मंत्री अंगद यादव और दोनों शूटर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
बरदह थाना क्षेत्र के सम्मोपुर गांव निवासी राजनरायन सिंह सिधारी थाने के कोमल कालोनी में मकान बनवाकर परिवार सहित रहते थे। 19 दिसंबर की सुबह करीब सात बजे राजनरायन सिंह घर से टलने के लिए निकले। जैसे ही वह पल्हनी ब्लाक मुख्यालय के सामने पहुंचे कि घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ छह गोलियां मारकर राजनरायन सिंह की हत्या कर दिया।
घटना के संबंध में उनकी पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अंगद यादव और अपने पट्टीदार सुनील सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराई थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने अंगद यादव और दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर ली। यह तीनों जेल की सलाखों के पीछे हवा खा रहे हैं।
जबकि सुनील सिंह फरार चल रहा था। रविवार की भोर में सिधारी थाने की पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली तो वह मूसेपुर रेलवे फाटक के पास से सुनील को गिरफ्तार कर ली। वह कहीं भागने के फिराक में था। एसओ सिधारी रामनरेश यादव ने बताया कि घटना के बाद से ही सुनील फरार चल रहा था। इसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब इस हत्याकांड में कोई अन्य आरोपी शेष नहीं बचा है।
मारपीट में चली गोली, महिला घायल : तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव में रविवार की सुबह जमीन विवाद में मनबढ़ों ने महिला को लाठी-डंडे से पीटकर गोली मार दी। हाथ में गोली लगने से घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल महिला सुमित्रा देवी (60) पत्नी रामनरेश यादव तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव की रहने वाली है। सुमित्रा का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति से उसका जमीन विवाद है। सुबह उसी विवाद के चलते विपक्षियों ने लाठी-डंडे से पीटा। फिर गोली मार दी। एसओ तरवां अनिल चंद तिवारी ने कहा कि घटना की सूचना उन्हें नहीं है। सिपाहियों के जरिए सच का पता लगाया जा रहा है।