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दूसरे दिन सोफीपुर में छाया रहा सियापा

Thu, 20 Oct 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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सोफीपुर देवइतपट्टी गांव में मंगलवार की दोपहर हुई किसान की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को सोफीपुर बाजार में सियापा छाया रहा। बाजार की ज्यादातर दूकानें नहीं खुलीं। सुरागकशी के लिए फारेंसिक टीम ने जांच के लिए घटनास्थल का नमूना लिया। उधर, पुलिस की चहलकदमी के बीच बाजार में चार दूकानों का ताला टूटने से लोग आश्चर्य में हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की उदासीनता के चलते लगातार  ऐसी घटनाएं हो रही हैं। 
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बता दें कि सोफीपुर देवइतपट्टी गांव निवासी रामसूरत सिंह किसान थे। उनका मकान सोफीपुर बाजार में सड़क से सटा हुआ है। मंगलवार की दोपहर रामसूरत अपने कमरे में थे। तभी एक बाइक पर सवार तीन बदमाश पहुंचे और ताबड़तोड़ छह गोलियां मारकर रामसूरत की हत्या कर की। घटना के संबंध में रामसूरत के भाई ने अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। बेखौफ बदमाशों के इस दुस्साहस से क्षेत्र में भय का माहौल है। उधर, घटना के बाद से ही सोफीपुर बाजार पुलिस छावनी में तब्दील हो गई है।

बाजार में चप्पे-चप्पे पर भले ही पुलिस तैनात रही लेकिन रात को चोरों ने मिठाई, दो पान और एक दवा की दूकानों का ताला तोड़ दिया।  हालांकि दूकानों से कोई विशेष सामान नहीं गायब हैं। लेकिन लोग पुलिस की मौजूदगी और चोरों के साहस से हैरान हैं। बुधवार को रामसूरत के घर फारेंसिक विभाग की टीम पहुंची और साक्ष्य, सबूत की टोह में अन्य स्थलों के नमूने लिए। दिनदहाड़े हुई हत्या से भयभीत बाजार के ज्यादातर दूकानदार अपनी दूकान नहीं खोले। बाजार में सिर्फ खाकीधारी और पुलिस के सायरन सुनाई दे रहे थे। सीओ सदर सच्चिदानंद ने बताया कि हत्या के कारण का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रयास में जुटी हुई है।
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के सोफीपुर देवइतपट्टी गांव निवासी किसान रामसूरत सिंह की हत्या की जांच कर रही पुलिस तमाम तथ्यों को जुटा चुकी है लेकिन हत्या के पीछे असली कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गुत्थी अभी उलझी हुई है। इतना तो तय है कि जिस तरह से छह गोलियां उतार कर किसान की हत्या की गई, उससे यह जाहिर होता है कि इसके पीछे कोई बड़ा कारण है और प्रतिशोध में हत्या की गई है ताकि वह किसी भी कीमत पर न बचें। इस घटना में पेशेवर हमलावरों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। 

पुलिस की जांच में पता चला है कि रामसूरत का किसी से जमीन को लेकर विवाद था। वह पशुओं की खरीद फरोख्त करने के साथ ही लोगों सूद पर रुपये भी देते थे। हालांकि पुलिस इन सभी विंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। ऐसे पेशेवर बदमाशों का भी रिकार्ड खंगाला जा रहा जो इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने में माहिर हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो परिवार और गांववालों का कहना है कि उनका किसी से विवाद ही नहीं था।

ऐसे में सवाल यह है कि बगैर किसी विवाद के कोई इतना साहस कैसे और क्यों दिखा सकता है। यदि बदमाशों की मंशा दहशत फैलाने की थी तो वे रात के समय भी दरवाजे पर फायर कर सकते थे। इसका मतलब यह निकल रहा कि कारण चाहे जो भी है, लेकिन बदमाश रामसूरत से बहुत ही गुस्से में रहे। प्रभारी एसपीसिटी/एसपी ट्रैफिक एच रहमान की मानें तो रामसूरत सिंह की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। उनसे विवाद चलता है।

इसके अलावा वह पशुओं के खरीद-फरोख और जरूरतमंद लोगों को रुपये भी देने का काम करते थे। जांचोपरांत इन बातों का पता चला है। पुलिस इन प्रमुख बिंदुओं के अलावा घेरलू विवाद जैसे मामलों को भी ध्यान में रखते हुए जांच पड़ताल कर रही है। कुछ हद तक सुराग भी मिले हैं। जिसके आधार पर कार्रवाई चल रही है। घटना के जल्द खुलासे की उम्मीद है।
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