दो बदमाशों को छुड़ाने के लिए बरदह थाने पर हमला करने वाले नरवें गांव के ज्यादातर लोग पुलिस की कार्रवाई के भय से घर छोड़कर भाग गए हैं। जिनका घर खुला है, वहां केवल बच्चे और बुजुर्ग ही हैं। घटना के दूसरे दिन गुरुवार को गांव में सन्नाटा छाया रहा। रह-रहकर सिर्फ पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनाई देता था। शांति व्यवस्था के लिए गांव में एक कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है।
गंभीरपुर पुलिस ने मंगलवार रात बरदह थाने के नरवें गांव में छापेमारी कर संतोष भारती और संतोष गोंड नामक दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इससे नाराज गांव के लोगों ने बुधवार की भोर में बरदह थाने पर धावा बोलकर चार सिपाहियों को पीटकर घायल करने के अलावा सामान तोड़ डाला था। उन्हें शक था कि ये दोनों बदमाश थाने में हैं, जबकि पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए गंभीरपुर थाने ले गई थी।
घायल सिपाही और एसओ ने 35 नामजद और 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें से 24 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई के भय से नरवें गांव के करीब ढाई सौ घरों के लोग ताला बंद कर फरार हो गए हैं। कुछ घरों में बच्चे और बुजुर्ग ही हैं। गुरुवार को कुछ स्थानीय नेताओं ने गांव में जाकर लोगों का हाल जाना। गांव में हर तरफ सन्नाटा था। जैसे ही कोई वाहन बस्ती की तरफ मुड़ता, आसपास के लोग उस तरफ देखने लगते थे। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है।
पुलिस उन्हीं लोगों की तलाश कर रही है, जिनके खिलाफ सबूत हैं और जो वीडियो में भी दिख रहे हैं। किसी निर्दोष के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। गांव का माहौल शांत है। एहतियातन गांव में पीएसी तैनात की गई है। - अजय कुमार साहनी, एसपी