पशु लाद कर जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप बुधवार की भोर में राजकीय बालिका इंटर कालेज अंबारी के पास एक महिला को रौंदते हुए सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में पिकअप चालक और महिला दोनों की मौत हो गई, जबकि दो पशु तस्कर घायल हो गए। पिकअप पर लदे सात मवेशी भी मर गए। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना से गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी के स्टाफ को हटाने की मांग करते हुए आजमगढ़-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया। क्षेत्रीय विधायक और सीओ फूलपुर के आश्वासन पर करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के उफरी गांव निवासी माला देवी (45) पत्नी स्व. हरिश्चंद यादव बुधवार की भोर में करीब चार बजे सड़क की तरफ गई थी।
वह राजकीय बालिका इंटर कालेज अंबारी के समीप सड़क के किनारे खड़ी थी कि जिला मुख्यालय की जोर जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप उसे रौंदते हुए थोड़ी दूर पर खड़े एक ट्रक में जा घुसी। इससे माला देवी और पिकअप चला रहे जौनपुर जिले के भरौली गांव निवासी प्रकाश (30)पुत्र भुआली की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि जौनपुर जिले के खुटहन थाना क्षेत्र के पटैइला गांव निवासी रफीक अहमद और सुल्तानपुर जिले के करौदी थाने के मगरसन गांव निवासी लालू राम गंभीर रूप से घायल हो गए। पिकअप में लदे 11 मवेशियों में सात की मौत हो गई।
हादसे के बाद गांव के लोगों ने माला के परिवार वालों को आर्थिक सहायता, मौके पर ब्रेकर और अंबारी पुलिस चौकी प्रभारी सहित अन्य स्टाफ को बदलवाने की मांग करते हुए पांच बजे भोर में आजमगढ़-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि अंबारी चौकी के सिपाहियों ने पैसा लेकर उस पिकअप को छोड़ दिया था। जाम लगने की सूचना पर तहसीलदार फूलपुर, सीओ फूलपुर, आसपास के थानों की फोर्स और पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे। इसी बीच क्षेत्रीय विधायक श्यामबहादुर यादव भी पहुंच गए। सीओ और विधायक ने आश्वासन देकर करीब तीन घंटे बाद आठ बजे जाम को समाप्त कराया। सीओ फूलपुर एके सिंह ने बताया कि गांव वालों की मांग पूरी करने के लिए वह अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। जो निर्णय लेना होगा, उच्चाधिकारी लेंगे।