गंभीरपुर थाना क्षेत्र के कोहरौड़ा गांव में पिछले दिनों सहोदरा देवी की गोली मारकर की गई हत्या मामले में पुलिस ने गुरुवार की सुबह फरिहां तिराहे से उसके आरोपी बेटे को एक दोस्त के साथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो अन्य आरोपी रिश्तेदार अभी भी फरार हैं। उन दोनों की तलाश की जा रही है। पूछताछ के दौरान इन दोनों ने कबूल किया कि रुपये के विवाद में इन्होंने अपनी मां की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एसपी आनंद कुलकर्णी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में वंशराज यादव और विनय पांडेय है। यह दोनों गंभीरपुर थाना क्षेत्र के कोहरौड़ा गांव के निवासी हैं। तलाशी के दौरान एक के पास से तीन सौ और दूसरे के पास से दो रुपये बरामद हुए। कोहरौड़ा गांव निवासी सहोदरा देवी एक मई की रात दरवाजे के बाहर सोई थी।
उसके बगल में उसकी बेटी राजपत्ती देवी भी सोई थी। राजपत्ती का बेटा बलवंत यादव घर में टीवी पर क्रिकेट मैच देख रहा था। रात करीब 11.30 बजे वंशराज अपने बेटे मनोज, दामाद रविंद्र यादव और मित्र विनय पांडेय के साथ पहुंचा। सोते समय राजपत्ती देवी का मुंह दबा दिए और सहोदरा देवी की पीठ में गोली मारकर हत्या कर दी। जिस समय आरोपी घटना को अंजाम देकर भाग रहे थे। तभी गोली की आवाज सुनकर बलवंत वहां पहुंचा और वह आरोपियों को पहचान लिया।
एसपी ने बताया कि नेशनल हाईवे के निर्माण में सहोदरा देवी की जमीन गई है। उसके बदले उसे 2.77 करोड़ का मुआवजा मिला है। दो करोड़ रुपये तो वंशराज ने ले लिया। जबकि 77 लाख रुपये सहोदरा देवी अपने तीन बेटियों में बांटना चाहती थी। यह बात वंशराज आदि को नागवार लग रही थी।
इसके चलते वंशराज ने एसडीएम न्यायालय में मुकदमा भी दाखिल किया था लेकिन फैसला सहोदरा देवी के पक्ष में आया। एसपी ने बताया कि वंशराज और विनय पांडेय को गुरुवार की सुबह फरिहां तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इन दोनों आरोपियों का चालान कर फरार मनोज यादव और उसके जीजा रविंद्र यादव की तलाश की जा रही है।