कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पिपरी गांव में रविवार की सुबह लापता छात्रा की गला रेतकर हत्या कर फेंकी गई लाश मिलने से सनसनी फैल गई। गांव के लोग गुस्सा गए। पुलिस शव को पीएम के लिए भेजवाने लगी तो गांव की महिलाओं ने पुलिस को घेर लिया और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही लाश ले जाने पर अड़ गईं। हालांकि एसपी ग्रामीण ने समझाकर चार घंटे बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाई।
पिपरी गांव निवासी माता प्रसाद गुप्ता के एक बेटा और दो बेटियों में शालू गुप्ता (13) दूसरे नंबर पर थी। वह गांव के जूनियर हाईस्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती थी। शनिवार को शालू स्कूल नहीं गई। वह घर से करीब 11 बजे निकली। इसके बाद वापस नहीं लौटी। घर वालों को हुई तो खोजबीन करने में जुट गए।
शालू का कोई पता नहीं चला तो शाम चार बजे थाने पर सूचना दी गई। पुलिस अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश में जुट गई। इसी बीच रविवार की सुबह शालू का भाई विशाल खेत की तरफ गया तो घर से करीब 200 मीटर दूर खेत में शालू का लाश मिली।
उसका चेहरा टाट के बोरे से ढंका हुआ था। विशाल ने बोरा हटाया तो लाश शालू की निकली। उसका गला धारदार हथियार से रेतकर हत्या की गई है।
घटना की जानकारी होने पर एसओ कप्तानगंज पहुंचे। बाद में एसपी ग्रामीण अशोक वर्मा भारी संख्या में पुलिस बल लेकर पहुंचे और महिलाओं को समझाया। एसओ कप्तानगंज अनिल प्रकाश सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि बलात्कार हुआ है या नहीं।