बरदह थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में मार्च 2012 को चाकू मारकर अमरनाथ की हत्या मामले में दोषसिद्ध पाए गए नौ लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने उम्रकैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला बरदह थाना के भूलनडीह गांव का है। वादी अजय पुत्र अमरनाथ और गांव के छांगुर के बीच जमीन की रंजिश चल रही थी।
अभियोजन के अनुसार, 23 मार्च 2012 को 11 बजे दिन में अमरनाथ गांव में एक व्यक्ति के घर शोक प्रकट करने जा रहे थे। इसी दौरान वह अनमोल के घर के सामने पहुंचे थे कि छांगुर पुत्र धर्मराज महाजन, सहाजन, पारस, जोड़ी, हनुमान पुत्रगण छांगुर, शुक्ला उर्फ अखिलेश पुत्र महाजन, बजरंगी व तूफानी पुत्र मैनू, सुरेश पुत्र अनमोल, अच्छेलाल पुत्र फिरतू ने अमरनाथ को पकड़ लिया। इस दौरान विपक्षियों ने अमरनाथ को चाकू घोंपकर घायल कर दिया। अजय अपने पिता अमरनाथ को लेकर अस्पताल पहुंचा कि मृत्यु हो गई। इस मामले में अजय ने बरदह थाने में मामला दर्ज कराया।
इसमें पुलिस ने कोर्ट में अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट पेश किया। अभियोजन की तरफ से एडीजीसी प्रेमनाथ यादव और मंजेश यादव ने वादी मुकदमा अजय कुमार, अंजू, राधिका, सुरेश सिंह (एसआई) सतीश कुमार पांडेय (हेडकांस्टेबल), अशोक कुमार तिवारी (आईओ) और डॉ यूबी चौहान को बतौर गवाह कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट प्रथम जेपी राजपूत ने अभियुक्त महाजन, सहाजन, पारस, जोड़ी, हनुमान, शुक्ला उर्फ अखिलेश, बजरंगी, तूफानी और सुरेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में छांगुर को दोषमुक्त कर दिया गया।