दीदारगंज थाना क्षेत्र के आमगांव निवासी बीडीसी व खुद को सपा नेता बताने वाले ठाकुर मनोज सिंह पर रविवार को धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पीड़ित अशोक यादव ने तहरीर में आरोप लगाया है कि वाराणसी के एक मेडिकल कालेज में दाखिला कराने के लिए वर्ष 2015 में 34 लाख रुपये ठाकुर मनोज सिंह ने लिए थे। दाखिला न होने पर 24 लाख रुपये तो लौटा दिए जबकि 10 लाख रुपये अब तक नहीं वापस किए। मांगने पर अपनी पहुंच की धौंस जमाते हुए धमकी दे रहा है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी हुई है।
कानपुर के रहने वाले अशोक यादव ने दीदारगंज के आमगांव निवासी ठाकुर मनोज सिंह के खिलाफ दीदारगंज थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि मनोज से अपनी बेटी का दाखिला वाराणसी स्थित एक मेडिकल कालेज में कराने का आग्रह किया। मनोज ने एकमुश्त 34 लाख रुपये लिया। दाखिला न होने पर अशोक यादव ने दी गई रकम मांगी तो मनोज यादव ने 24 लाख रुपये लौटा दिया।
उधर पांच दिन पूर्व धोखाधड़ी के एक मामले में ठाकुर मनोज सिंह को मुंबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मनोज के पकड़े जाने के बाद अशोक यादव ने रविवार को दीदारगंज थाने पहुंचे और मनोज सिंह के विरुद्ध थाने में केस दर्ज कराया।
बता दें कि ठाकुर मनोज सिंह पहले अपने आप को राजद का प्रवक्ता बताता था। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद वह सपा में चला गया और अपने को समाजवादी पार्टी का महाराष्ट्र प्रदेश सचिव बताता था। जिले में सपा के किसी भी बड़े पदाधिकारी के आने पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग टंगवाता था। उधर, सपा के जिला सचिव एसके सत्येन ने बताया कि ठाकुर मनोज का सपा से कोई लेनादेना नहीं है। वह बड़े नेताओं के पीछे खड़े होकर फोटो खिंचवाने का काम करता है।