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सूझबूझ से काम लेते तो नहीं होती घटना

Wed, 02 Nov 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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यूपी पुलिस
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के झंझवा तुर्कवली खालिसपुर गांव में पास न देने की बात पर मंगलवार की रात मूर्ति विसर्जन करने वालों पर पुलिसकर्मियों की ओर से लाठियां भांजी गई थीं। देर रात तहसीलदार हीरालाल ने मामले को सुलझा तो दिया लेकिन जुलूस में शामिल लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर भय है। क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई की बुधवार को पूरे दिन चर्चा होती रही। लोगों का कहना था कि पुलिस सूझबूझ से काम ली होती तो लाठियां भांजने की नौबत नहीं आती।
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जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के झझवा तुरकौली गांव के महिला, पुरुष और बच्चे नाचते, गाजे लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गुजरपार गांव स्थित तमसा नदी के तट पर जा रहे थे। रात करीब नौ बजे प्रतिमा लेकर भक्त जैसे ही झंझवा तुर्कवली खालिसपुर गांव के पास पहुंचे कि उधर से सीओ सगड़ी सोहराब आलम की गाड़ी गुजरी। पास लेने की बात पर ग्रामीणों और पुलिसवालों में नोंकझोक हुई। हालांकि वहां तो मामला शांत हो गया लेकिन कुछ देर बाद भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंची और ग्रामीणों पर लाठी भांजनी शुरू कर दी।

इससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस की लाठी और भागने के चक्कर में गिरकर दर्जन से अधिक लोग चुटहिल हो गए। पुलिस प्रतिमा लदी तीन ट्रैक्टर और ट्राली को थाने पर लाई और 20 लोगों को हिरासत में लिया था। घटना के बाद थाने पर जुटे स्थानीय भाजपा नेताओं के दवाब के चलते पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। भारी सुरक्षा के बीच प्रतिमा का विर्सजन कर दिया गया। पुलिस की पीटाई से घायल लोग बुधवार को स्थानीय डाक्टर के यहां इलाज करा रहे थे। 
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गांव के लोग डीजे की धुन पर शोर मचा रहे थे और नाच रहे थे। जिसके चलते सड़क जाम हो गई थी। मैंने हटाने का प्रयास किया तो उलझ गए। जिसकी वजह से पुलिस फोर्स बुलाकर उन्हें रास्ते से हटाना पड़ा। जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनके साथ प्रतिमाएं नहीं थी बल्कि वे डीजे बजाकर हंगामा कर रहे थे। - सोहराब आलम, सीओ सगड़ी
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