धमकी भरा ऑडियो वायरल होने के मामले में पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने मंगलवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि नकल का विरोध करने पर वह धमकी दे रहा था। इसलिए हमने भी उसे उसी के अंदाज में जवाब दिया। मैंने किसी जाति विशेष के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उनके खिलाफ साजिश हो रही है।
भाजपा नेता और पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने अमर उजाला से बताया कि फूलपुर क्षेत्र में उनकी मां के नाम से डिग्री कालेज है। जिसमें करीब 500 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। वह अपने विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से फीस तक नहीं लेते। नकलविहीन परीक्षा के लिए उनके निर्देश पर पूरी तरह से सख्ती बरती गई। करीब 20 दिन पूर्व उनके मोबाइल पर एक फोन आया।
फोन करने वाले ने अपने को प्रधानमंत्री कार्यालय से बोलने की बात कहते हुए कहा कि तुम अपने विद्यालय में नकल पर सख्ती कर रहे हो, हमारा बेटा फेल हो जाएगा। ज्यादा सख्ती करोगे तो मैं तुम्हारा स्कूल बंद करवा दूंगा। उसने यह भी कहा कि हमारे उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से बेहतर संबंध है।
रमाकांत ने कहा कि जब फोन करने वाले ने सरकार की छवि खराब करने की बात कही तो हमें उसकी भाषा में ही जवाब देना पड़ा। कहा कि वह किसी जाति विशेष के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। यह जरूर है कि पिछड़ों की राजनीति करते हैं लेकिन सर्वसमाज को साथ लेकर चलते हैं। आरोप लगाया कि वायरल ऑडियो को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है। बता दें कि पूर्व सांसद रमाकांत का धमकी भरा ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह किसी धर्मेंद्र सिंह नामक व्यक्ति को धमकी दे रहे हैं। इस मामले में किसी ने तहरीर नहीं दी है।