एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने बुधवार की सुबह समाज कल्याण विभाग में तैनात एक लिपिक को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। वह एक शिक्षक की तनख्वाह जारी करने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के चंदौका गांव निवासी हंसराज यादव गांव में स्थित डा. भीमराव अंबेडकर विद्यालय में अध्यापक हैं। उन्हें कई माह की तनख्वाह नहीं मिल रही है। जिला समाज कल्याण विभाग में तैनात लिपिक राधेकृष्ण पांडेय ने हंसराज से वेतन रिलीज कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी।
लिपिक बिना रुपये लिए किसी भी कीमत पर वेतन न देने की मांग पर अड़ा रहा। हंसराज ने मामले की जानकारी गोरखपुर की एंटी करप्शन यूनिट को दी। मामले की जांच इंस्पेक्टर सभाजीत त्रिपाठी को सौंपी गई। बुधवार की सुबह सभाजीत उपनिरीक्षक सुरेंद्र पांडेय के साथ फोर्स लेकर समाज कल्याण विभाग कार्यालय पहुंचे। टीम के कहने पर हंसराज ने जैसे ही लिपिक राधेकृष्ण को रुपये दिए, तभी उसे पकड़ लिया गया।
नोटों की पुष्टि होने पर लिपिक को गिरफ्तार कर लिया गया। भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में यह घटना होने पर पहले तो लोग एंटी करप्शन टीम के विरोध में लामबंद होने लगे लेकिन बाद में सच्चाई का पता चलने पर लोग शांत हो गए। कोतवाल मोहम्मद ईसा खां ने बताया कि राधेकृष्ण पांडेय के विरुद्ध रिपोर्ट दर्जकर उनका चालान कर दिया गया।