पचास हजार का इनामी बदमाश समझकर पुलिस ने बुधवार को तौफीक (22) को गोली मार दी थी। वाराणसी के एक चिकित्सालय में आपरेशन के बाद पेट से गोली निकाल ली गई, लेकिन उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया है।
बरदह के मोहम्मदपुर फेटी गांव के अबुलैस का पुत्र तौफीक बुधवार को बाइक से फूलपुर के मुड़ियार गांव में अपनी बहन के घर जा रहा था।
उधर, सुल्तानपुर की क्राइम ब्रांच टीम सुल्तानपुर के 50 हजार के इनामी सागर यादव का पीछा करते हुए आ रही थी। तौफीक जैसे ही सरायमीर स्थित सूर्या ढाबे के पास पहुंचा, कार सवार स्वाट टीम ने उसे गोली मार दी। इसके बाद उसे कार में लेकर सुल्तानपुर जाने लगी।
सूचना जब फूलपुर पुलिस को हुई तो उसने कार सवारों को दबोच लिया। सच का पता चलने पर आनन-फानन में पुलिस ने तौफीक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। यहां बुधवार की देर रात तक चले आपरेशन में डाक्टरों ने उसकी आंत और लिवर को क्षतिग्रस्त करते हुए छाती के बीच फंसी गोली निकाल दी, लेकिन इसके साथ ही उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया।
तौफीक को जिस वक्त वाराणसी ले जाया जा रहा था, उसने घरवालों को बताया कि फूलपुर पार करते ही कार सवार पुलिस अफसरों ने उसकी बाइक में टक्कर मारकर गिरा दिया। जब वह उठकर जाने लगा तो उसकी पीठ में गोली मार दी और उसे कार में लेकर जाने लगे। इस मामले में पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद इमरान, प्रभारी एसपी