इस बीच वायरल वीडियो को देख कर एक सोशल एक्टिविस्ट फहीम ने इसकी शिकायत सीएम व पुलिस महकमे के ट्विटर पर भी कर दी। इसके साथ ही उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी। इतना सब होने के बाद महकमा जागा और सीओ सिटी को प्रकरण की जांच सौंपी गई।
वहीं चौकी प्रभारी मुबारकपुर कमलनयन दूबे ने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप में वायरल हो रहे वीडियो पर पिटाई से घायल दिव्यांग को मानसिक रोगी बता दिया, जबकि युवक के परिजनों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस की पिटाई से घायल युवक मानसिक रोगी नहीं है बल्कि पैर से दिव्यांग है। अब देखना है कि पुलिस की इस दबंगई पर कोई कार्रवाई होती है अथवा महकमा जांच के नाम पर प्रकरण को दबा डालता है।
वीडियों मैने देखा नहीं है, किसी ने टेस्ट के रुप में शिकायत किया था, जिसके आधार पर जांच सीओ सिटी को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
पंकज पांडेय, एसपी सिटी, आजमगढ़।