एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने शुक्रवार को सुबह संविदा परिचालक से पांच हजार रुपये रिश्वत ले रहे आजमगढ़ डिपो के एआरएम (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक) बीपीएन सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन के निरीक्षक सभाजीत त्रिपाठी ने एआरएम के विरुद्ध शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप है कि एआरएम ने संविदा परिचारक से इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन को ठीक कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी।
जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र के करनेहुआं गांव निवासी सत्यप्रकाश सिंह आजमगढ़ डिपो में संविदा पर परिचालक है। करीब एक सप्ताह पहले सत्यप्रकाश रोडवेज की बस लेकर वाराणसी गया था। वापसी में देवगांव बाजार के पास एआरएम बीपीएन सिंह, टिकट इंस्पेक्टर अवनी राय के साथ बस चेक कर रहेे थे।
सत्यप्रकाश का आरोप है कि बस चेक करने पर यात्रियों को दिए टिकट पर प्रिंट सही नहीं मिला। इस पर एआरएम में फटकार लगाई। इलेक्ट्रानिक टिकट मशीन खराब होने की बात बताने पर उसे दुरुस्त कराने के लिए एआरएम बीपीएन सिंह ने उससे पांच हजार रुपये की मांग की। सत्यप्रकाश सिंह ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन गोरखपुर से की थी। एंटी करप्शन के निरीक्षक सभाजीत त्रिपाठी के मुताबिक शिकायत पर कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई।
टीम ने परिचालक सत्यप्रकाश शुक्रवार को पांच हजार रुपये दिए और सभी लोग तय समय पर एआरएम बीपीएन सिंह के रोडवेज डिपो स्थित कार्यालय में पहुंचे। परिचालक ने रुपये एआरएम को दिए तो उन्होंने उसे अपनी जेब में रख लिया। तभी एंटी करप्शन टीम ने एआरएम को पकड़ लिया। केमिकल जांच के बाद एआरएम को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे रोडवेज डिपो में हड़कंप मच गया।
उधर, एआरएम बीपीएन सिंह ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कंडक्टर से रिश्वत लेने के आरोप में एआरएम को गिरफ्तार किया गया है। वह अपने स्तर से इसकी जांच करवा रहे हैं कि और किन-किन आरोपों के तहत अधिकारी कर्मचारियों का दोहन कर रहे हैं।