प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहानागंज पर स्वास्थ्यकर्मियों की संवेदनहीनता का एक नजारा सोमवार की सुबह देखने को मिला। आरोप है कि एक एएनएम ने अस्पताल पहुंची प्रसव पीड़ित महिला को भर्ती न कर उसे भगा दिया। अस्पताल से लौट रही महिला ने अस्पताल गेट के पास सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। इस घटना को लेकर नाराज लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे प्रभारी चिकित्साधिकारी ने एएनएम का स्थानांतरण करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
जहानागंज कस्बे की सावित्री देवी (40) प्रसव पीड़ा से पीड़ित हो रविवार की रात दो बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहानागंज पहुंची। वहां उपस्थित एएनएम मालती देवी ने शरीर में खून की कमी बताकर उसे लौटा दिया। महिला तीन बार स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, तीनों बार एएनएम ने उसे लौटा दिया। सोमवार की सुबह पांच बजे सावित्री फिर से स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। आरोप है कि इस बार एक एएनएम ने उसे डांटकर वहां से भगा दिया। अभी वह वहां से कुछ दूर ही पहुंची थी कि उसने सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया।
मुहल्लेवासी उसे ठेले पर लादकर घर ले गए। जानकारी होने पर लोगों ने सुबह छह बजे पीएचसी का घेराव कर दिया। हंगामे की जानकारी होते ही लगभग साढ़े आठ में स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. देवेंद्र सिंह वहां पहुंच गए। लोगों ने उन्हें पत्रक सौंपा और उक्त एएनएम को हटाने की मांग की। डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी हुई, उन्होंने महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हूखोर में भर्ती कराया। आरोपी एएनएम को यहां से हटा दिया गया है और उससे दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
न देने की स्थिति में निलंबित कर दिया जाएगा। सीएमओ डा. एसके तिवारी भी पहुंचे और उन्होंने पीड़ित महिला का हाल जाना। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल सेठ, प्रधान रविंद्र राय, बबलू सेठ, शुभम् जायसवाल, भक्कू सिंह, रवि सेट, शत्रुघ्न मिस्त्री आदि उपस्थित थे।