अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग करते अजमतगढ़ में मृत रवि साहनी के घर जुटे लोग।
रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव में गुरुवार को जहरीली शराब पीने के बाद मौत का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रविवार को भी जारी रहा। रौनापार, जीयनपुर और बिलरियागंज थाना क्षेत्र में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। कई गंभीर बीमार हैं। गांव के इतने लोगों की मौत होने से जहां सन्नाटा पसरा हुआ है। लेकिन शराब रविवार को भी गांव में बिक रही थी। दबिश देने गई पुलिस को नशे में धुत युवक मिला। उसे थाने भेजवाकर पुलिस शराब बरामद करने के लिए घर-घर की तलाशी ले रही है।
रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव की आबादी करीब तीन हजार है। यहां ज्यादातर निषाद बिरादरी के लोग रहते हैं। वैसे तो अवैध तरीके से शराब पूरे देवरांचल में बनती है। लेकिन केवटहिया इसके लिए फेमस है। बीते गुरुवार को जहरीली शराब पीने से केवटहिया गांव निवासी चरित्तर निषाद, रामवृक्ष सहित दस लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुलिस केवटहिया से अवैध शराब बंद करने के लिए तलाशी लेनी शुरू कर दी। पुलिस अभी इस मामले की जांच पड़ताल शुरू भी नहीं कर पाई थी कि शुक्रवार को इसकी आंच बगल वाले थानह जीयनपुर के अजमतगढ़ बाजार में पहुंच गई।
जहां जहरीली शराब पीने से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि बिलरिरयागंज थाना क्षेत्र के तीन लोग अब तक मर चुके हैं। जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद पुलिस की एक टीम केवटहिया गांव से अवैध शराब का कारोबार जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।रविवार को एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस टीम पुन: गांव पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर दंग रह गई। मौत से जहां हर दूसरे घर में लोग रो रहे थे। वहीं गांव का सोनू निषाद शराब के नशे में धुत मिला। पुलिस के पूछने पर सोनू ने बताया किं वह गाथंव से ही खरीदकर शराब पिया है। लेकिन यह शराब देशी नहीं, बल्कि अंग्रेजी शराब पिया हूं। इस पर पुलिस सोनू को हिरासत में लेकर थाने चली गई। साथ ही घर-घर की तलाशी ली गई। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस घर-घर की तलाशी ले रही है। अभी तक कोई विशेष सफलता नहीं मिली है।