आजमगढ़। स्वास्थ्य विभाग में जिला स्वच्छता समिति से आपरेटर और बीपीएम पद पर नियुक्ति होनी है। इसमें पूर्व में एजेंसी के माध्यम से कार्य कर चुके कर्मियों को ही रखने का आदेश है। इस बीच सीएमओ पर पैसा लेकर शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से नये कर्मचारियों के नियुक्ति करने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच सीडीओ को सौंपी है। स्वयं जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग में एक एजेंसी के माध्यम से डाटा इंट्री आपरेटर और ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर के 21-21 पदों पर तैनाती हुई थी। वर्तमान में डाटा इंट्री आपरेटर के पद पर 17 और ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर के पद पर 18 कर्मचारी तैनात थे। 27 सिंतबर को इस एजेंसी की सेवा समाप्त हो गई। इससे इनका मानदेय बाधित हो गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनकी डूडा से संचालित शहरी आजीविका मिशन से तैनाती की कवायद शुरू की गई तो सभी जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी से मिले। कहा कि उनकी नियुक्ति जिला स्वच्छता समिति के माध्यम से कराई जाए। जिलाधिकारी ने भी इस पर सहमित दे दी और सीएमओ को निर्देशित कर दिया। एनएचएम के मिशन निदेशक की ओर से आदेश दिए गए थे कि डाटा इंट्री आपरेटरों के पदों को बनाया रखा जाए और नई भर्ती नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी सीएमओ पर खाली पड़े पल्हनी और अजमतगढ़ ब्लाक के डाटा इंट्री आपरेटर पद और महाराजगंज तथा अहरौला में पुराने आपरेटरों को हटाकर शहरी आजीविका मिशन से नई नियुक्ति करने के आरोप लगे है। अरुण कमार सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत कर सीएमओ पर अध्यक्ष जिला स्वच्छता समिति के नाम पर धन उगाही करने का आरोप लगाया है। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि प्रकरण की जांच सीडीओ डीएस उपाध्याय को सौंपी गई है। उन्हें स्वयं अभिलेखों आदि का परीक्षण कर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। दोषी मिलने पर मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।