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वेतन संशोधित करने तक सिमटा विभाग, कूटरचना करने वालों पर कार्रवाई नहीं

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आजमगढ़। प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र और डीपीएड की डिग्री फर्जी मिलने पर समाज कल्याण अधिकारी ने दोषी पांच अध्यापकों का वेतन संशोधित कर उन्हें अप्रशिक्षित मान लिया था। अप्रशिक्षित वेतन भी जारी कर दिया गया, लेकिन अब तक उन्हें जारी किए गए अतिरिक्त वेतन की रिकवरी और कूटरचित अभिलेख विभाग को देकर बरगलाने के मामले में कोई कार्यवाई नहीं की गई। पिछले दिनों शिकायत के आधार पर समाज कल्याण विभाग से संचालित हरिजन बाल विद्या मंदिर सैदपुर के सहायक अध्यापक देवेंद्र कुमार की डीपीएड की फर्जी निकली थी। इसके साथ ही विद्यालय के पांच शिक्षकों सतीश चंद्र, अशोक सिंह, रामधारी यादव, दूधनाथ यादव और मुक्खू राम (सेवानिवृत्त) की प्रशिक्षण मुक्ति भी फर्जी निकली थी। इसके बाद समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने इन्हें अप्रशिक्षित वेतनमान देने के निर्देश जारी कर दिए थे। मामले में कूटरचित दस्तावेज विभाग में देने में आरोपी शिक्षकों पर एफआईआर और जारी हो चुके अतिरिक्त वेतन की रिकवरी की प्रक्रिया अभी तक विभाग नहीं कर सका है। शिकायतकर्ता अरुण सिंह का आरोप है कि विभाग आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई न उन्हें लाभ पहुंचाना चाहता है। वहीं, समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि रिकवरी और अन्य कार्रवाई जारी है। इसे जल्द पूरा कराया जाएगा।
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