ताबड़तोड़ तीन एनकाउंटर के बाद कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से लगाम लगाने वाली पुलिस के लिए 11 अक्तूबर को दिन दहाड़े मुनीम से पांच लाख रुपये लूटकर बदमाशों ने खुली चुनौती दे दी। तीन दिन बाद पुलिस ने शहर के हाफीजपुर तिराहे पर उन्हें मुंहतोड़ जवाब देते हुए पुलिस ने एक लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दूसरा भाग गया। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीम रात भर इलाके में कांबिंग करती रही, लेकिन सफल नहीं हुई। दूसरे दिन रविवार को फरार बदमाश की तलाश में आजमगढ़ और वाराणसी की पुलिस लगी रही।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के सिंहपुर बाजार में स्थित राइस मिल के मालिक बबलू जायसवाल का मुनीम संजय कुमार 11 अक्तूबर को शहर के कालीचौरा मुहल्ले में स्थित एचडीएफसी बैंक से पांच लाख रुपये निकाला और बाइक से घर जा रहा था। जैसे ही डीएवी बंधे के पास पहुंचे कि पीछे से बाइक सवार दो बदमाश आए और रुपये लूटकर फरार हो गए। शनिवार की देर शाम मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह अपनी टीम के साथ हाफीजपुर तिराहे पर वाहन चेकिंग करने लगे। इसीबीच जीयनपुर की तरफ से आते हुए बाइक को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो पीछे बैठा बदमाश पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी 25 हजार का इनामी बालेश्वर मुसहर के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। जबकि दूसरा बदमाश फरार हो गया। उसकी तलाश में एसपी अजय कुमार साहनी, एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ नगर सच्चिदानंद, सदर मो. अकमल खां सहित अन्य थानों की फोर्स क्षेत्र के आसपास देर रात तक काबिंग की। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। घायल बालेश्वर ने पूछताछ के दौरान बताया कि फरार बदमाश दिलीप कंजड़ है। वह वाराणसी जिले के फूलपुर थाने के बड़ागांव का निवासी है। दिलीप और बालेश्वर मिलकर पांच लाख रुपये लूट थे। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिलीप कंजड़ के खिलाफ विभिन्न थानों में लूट, हत्या, हत्या के प्रयास के कई मुकदमे दर्ज हैं।