आजमगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैय्यद आफताब हुसैन रिजवी की अदालत ने हत्या का प्रयास किए जाने के आरोपी को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही कुल छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। घटना शहर थाना कोतवाली के गिरजाघर चौराहे की है।
दो अक्तूबर 2010 की भोर में सिविल लाइन चौकी प्रभारी महंथ राय अपने हमराही सिपाहियों के साथ गश्त पर निकले थे। तभी मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि महाराष्ट्र प्रांत का एक शातिर अपराधी कोई आपराधिक घटना करने की नियत से आ रहा है। इस सूचना पर चौकी प्रभारी सर्तक हो गए। इसी बीच नरौली टैक्सी स्टैंड की तरफ से एक व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। अपने को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। फायर से कोई घायल नहीं हुआ और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक तमंचा और पचास हजार रुपये नकदी बरामद हुए। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी मेहताब पुत्र शौकत ने अपना नाम पता महाराष्ट्र प्रांत के जिला नासिक, थाना आयशा नगरढ के इस्स्त्रत्त्लामपुर का रहने वाला बताया। बाद में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीश कुमार चौहान ने कुल तीन गवाहों को अदालत में पेश किया। शामिल गवाहों में इस मुकदमे के वादी चौकी प्रभारी महंथ राय, एसआई राम प्रसाद और कांस्टेबुल अरशद को बतौर साक्षी पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपी मेहताब को भादवी की धारा 307 में पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपया जुर्माना। आम्र्सएक्ट में एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई।