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फंसाने के लिए रची लूट की झूठी कहानी

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जहानागंज। जहानागंज थाना क्षेत्र के हांसापुर गांव निवासी ट्रक मालिक गनेश यादव अपने विपक्षियों को फंसाने के लिए बुधवार को लूट की झूठी कहानी रचते हुए सिधारी थाने में तहरीर दी। जिसमें तीन लोगों को नामजद किया था। गहन जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि गनेश यादव जिसे लूट का मुख्य आरोपी बता रहा। वह घटना के समय जिले में था ही नहीं। ऐसे में पुलिस गनेश यादव को सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया। गनेश यादव द्वारा सिधारी थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक वह जहानागंज थाने के हांसापुर गांव का निवासी है और वह ट्रक चलवाता है। बुधवार की दोपहर गनेश यादव अपनी बाइक से सिधारी थाने के शाहगढ़ बाजार से समेंदा गांव की तरफ जा रहा था। जैसे ही वह समेंदा गांव के सिवान में पहुंचा कि पीछे से एक बाइक पर सवार जहानागंज थाने के सेमा गांव निवासी सुरेंद्र यादव, हरिबंश सहित तीन लोग ओवरटेक कर उसे रोक लिया। बदमाश गनेश के कनपटी पर तमंचा सटाकर उसके पास मौजूद 30 हजार रुपये, मोबाइल और हीरो होंडा बाइक लूटकर फरार हो गए। गनेश ने सिधारी थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव के घर धमकी। उसका फोन नंबर लेकर बात की तो पता चला कि सुरेंद्र मऊ जिले के चिरैयाकोट बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान पर बैठकर खरीदारी कर रहा। पुलिस तत्काल चिरैयाकोट पहुंचकर दुकान का सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें सुरेंद्र की तस्वीर साफ दिखी। दुकान में आने से पहले सुरेंद्र ने बताया कि वह जहानागंज थाने के धनहुआं गांव में स्थित इंटर कालेज में जाकर बच्चों की फीस भी जमा किया है। कालेज के सीसीटीवी फुटेज में भी सुरेंद्र यादव देखा गया। जबकि हरिबंश का लोकेशन उसके घर के आसपास दिखा। पूछताछ के दौरान सुरेंद्र यादव ने बताया कि गनेश यादव से उसकी रंजिश चलती है। ऐसे में पुलिस ने खुलासा कर दिया कि गनेश यादव द्वारा लूट की झूठी कहानी रचकर विपक्षियों को फंसाने का कुचक्र रचा गया। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि लूट का मामला झूठा साबित होने पर साजिशकर्ता गनेश यादव को सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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