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दूसरे के खाते से 32 लाख निकालने वाले गिरफ्तार 20-26-29

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आजमगढ़। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के कटघर गांव निवासी रामाश्रय प्रजापति के यूबीआई गोमाडीह के खाते से धोखाधड़ी करके 32.30 लाख रुपये निकालने वाले चार जालसाजों को गंभीरपुर पुलिस ने शुक्रवार रात अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को इनका चालान कर दिया गया। प्रकरण में बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों के भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में गंभीरपुर थाने के टेकमलपुर गांव निवासी सुक्खू यादव, गड़हा गांव निवासी मुसाफिर, सुरजनपुर गांव निवासी श्यामलाल, बरवा जलालपुर गांव निवासी राजेश कुमार और निजामाबाद थाने के फरिहां गांव निवासी इम्तियाज उर्फ मिस्टर शामिल हैं। एसपी सिटी कमलेश बहादुर ने बताया कि कटघर गांव निवासी रामाश्रय प्रजापति ने 30 नवंबर को थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें यूबीआई गोमाडीह के शाखा प्रबंधक सहित अन्य स्टाफ को आरोपित किया था। आरोप लगाया था फोरलेन में जमीन आने से उसे 97 लाख रुपया मुआवजा मिला था। विभाग की ओर से धनराशि यूबीआई गोमाडीह के खातेमें भेजी गई थी। इसमें से मिलीभगत कर 32 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। जांच के दौरान प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर अरविंद कुमार पांडेय को पता चला कि बैंक मित्र रह चुके टेकमलपुर गांव निवासी सुक्खू यादव की मदद से ये फर्जीवाड़ा किया गया है। शुक्रवार की देर शाम पुलिस ने सुरजनपुर मोड़ से सुक्खू यादव को गिरफ्तार कर लिया। मोड़ के पास ढाबे से अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 210770 रुपये, बिना नंबर की नई एक्टिवा, एक मोबाइल और दस्तावेज बरामद हुए। शेष रुपये सभी ने शराब पीने, घूमने फिरने, जमीन और सोना खरीदने में खत्म कर दिया था। अदालत के निर्देश पर शेष रुपयों की रिकवरी की जाएगी।
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दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई धनराशि
आजमगढ़। यूबीआई गोमाडीह में खुले रामाश्रय प्रजापति के खाते से रुपये निकालने की योजना गंभीरपुर थाने के टेकमलपुर गांव निवासी सुक्खू यादव ने बनाई। इसी बैंक में सुक्खू बैंकमित्र रह चुका था। सुक्खू ने मुसाफिर और श्यामलाल का आधार कार्ड लेकर खाता खोला था। रामाश्रय के नाम पर आधार कार्ड आया था। पता में फर्जीवाड़ा कर आरोपियों ने ये एटीएम किसी तरीके से हथिया लिया। प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि बैंक मित्र रह चुके सुक्खू ने एटीएण कार्ड के सहारे स्वैप मशीन से राम आश्रय के खाते से धनराशि मुसाफिर और श्यामलाल के खाते में ट्रांसफर कर लिया। अलग-अलग तिथियों में रामाश्रय के खाते से कुल 3230032 रुपये निकाल लिए। खाते से निकाले गए रुपयों में से करीब तीन लाख रुपये का इन सभी ने सोना खरीदा था। इसमें करीब 83 हजार रुपये का सोना गलत निकल गया। शेष इनके हाथ लगा। एक माह के भीतर सभी ने मिलकर तीन लाख की शराब पी। जिस समय यह लोग रामाश्रय का रुपये उड़ा रहे थे तो गांव के लोगों में यह चर्चा का विषय बना था। इसके बाद ये लोग दिल्ली भाग गए। वहां मौजमस्ती की। कुछ रुपयों की जमीन भी खरीदे हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि इस गिरोह का एक और सदस्य अभी फरार है। उसके गिरफ्तारी के बाद कुछ और तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
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