अंबारी। दीदारगंज थाना क्षेत्र के आमगांव निवासी राममिलन की मां सावित्री देवी के अंतिम संस्कार करने के लिए दुर्वासा धाम जा रही पिकअप शनिवार की दोपहर अनियंत्रित होकर पल्थी बाजार में पलट जाने से चार लोगों की मौत और 23 लोग घायल हो गए। इनमें छह की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इनका वाराणसी में इलाज चल रहा। देर रात को मरने वालों की लाश पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंची तो कोहराम मच गया। रविवार को सभी लोगों का अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार हुआ। हादसे में मरने वाले एक युवक के चिता में उसके घायल पिता ने आग लगाते ही वह बेहोश हो गया। उसका जौनपुर जिले के शाहगंज में इलाज चल रहा। घटना के दूसरे दिन भी गांव में सियापा छाया हुआ था। घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके थे। हादसे में मरने वालों में आमगांव निवासी युवक संतोष राजभर का अंतिम संस्कार गांव के सिवान में हुआ। बेटे की चिता में घायल पिता बाबूराम ने आग लगाई। जवान बेटे की चिता में आग लगाते ही बाबूराम बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे जौनपुर जिले के शाहगंज बाजार के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज चल रहा। इसीक्रम में अन्य मरने वालों में आमगांव निवासी पंचम राजभर और जौनपुर जिले के शाहगंज थाने के आरंध गांव निवासी सतीश राजभर का अंतिम संस्कार जौनपुर जिले में स्थित गोमती नदी के पिलकिछा घाट पर किया गया। जबकि बरदह थाने के अमनावें गांव निवासी जगदीश राजभर का अंतिम संस्कार बरदह थाने के बंधवा महादेव घाट पर किया गया। हादसे में मरने वाले चारो लोगों का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवार और गांव के लोग घर लौटे तो पुन: परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। इनके रोने से पूरा माहौल गमगीन हो गया। बता दें कि एक पिकअप में सवार होकर 27 लोग जा रहे थे। पल्थी बाजार में पिकअप के पलट जाने से चार लोगों की मौत हो गई। जबकि 23 लोग घायल हो गए। इनमें छह की हालत गंभीर देख डाक्टर ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जहां इनकी हालत गंभीर बनी हुई है। शेष लोगों का यहीं पर इलाज चल रहा।