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प्रेमिका को फंसाने के लिए साथी की हत्या

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आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अवांव गांव निवासी ट्रक चालक अरुण सिंह (30) पुत्र लुटावन की हत्या उसके गांव के मित्र मनीष सिंह उर्फ गोलू ने की थी। मनीष एक युवती से प्रेम करता था। युवती की शादी हो चुकी है। मनीष उसे छोड़ना नहीं चाह रहा था। करीब एक माह पूर्व अरुण और मनीष की प्रेमिका से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके चलते मनीष ने साजिश रचा कि अरुण की हत्या कर देने पर आरोप युवती के ऊपर लगेगा और अपनी ससुराल की बजाय जेल चली जाएगी। शादी टूटने पर उसके साथ रहने को मजबूर हो जाएगी। पुलिस ने मनीष की योजनाओं पर पानी फेरते हुए उसे शनिवार की सुबह सठियांव बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है। एसपीसिटी कमलेश बहादुर के मुताबिक मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अवांव गांव निवासी अरुण सिंह ट्रक ड्राइवर था। वह वाराणसी में ट्रक चलाता था। 19 सितंबर की सुबह अरुण की लाश गांव के सड़क पर पड़ी हुई थी। धारदार हथियार से उसका गला रेता गया था। अरुण के घर आने की जानकारी भी किसी को नहीं थी, न ही वह अपने घर पहुंचा था। घटना के बाद पुलिस गुत्थी सुलझाने में जुटी। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि वाराणसी से अरुण और उसके गांव का मित्र मनीष सिंह दोनों एक साथ घर से निकले थे। इसकी जानकारी होने पर पुलिस मनीष के खिलाफ साक्ष्य और सबूत जुटाने लगी। शनिवार की सुबह मनीष को सठियांव बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान मनीष सिंह ने घटना का खुलासा किया। मनीष के मुताबिक अरुण सिंह और उसकी प्रेमिका के बीच लोगों के समक्ष झगड़ा हुआ था। इसका फायदा उठाते हुए उसने अरुण की हत्या कर दी। ताकि लोग समझेंगे कि प्रेमिका ने ही किसी से उसकी हत्या करवाई है। हत्या के आरोप में प्रेमिका जेल चली जाएगी और उसकी शादी टूट जाएगी।
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चर्च चौराहे से खरीदा था चाकू
आजमगढ़। मुबारकपुर थाने के अवांव गांव निवासी अरुण सिंह और मनीष सिंह वाराणसी में अपना ट्रक खड़ा किए और वहां से बगैर घर पर किसी को आने की सूचना दिए ही चल दिए। रोडवेज पर बस से उतरने के बाद दोनों टहलते हुए चर्च चौराहे पर पहुंचे। जहां अरुण के सामने ही मनीष ने चाकू खरीदा। हालांकि अरुण को उसके हत्या की कोई जानकारी नहीं थी। चाकू लेने के बाद दोनों एक साथ जमकर शराब पीए और पैदल घर जाने लगे। योजनाबद्ध तरीके से जैसे ही दोनों गांव के समीप पहुंचे कि मनीष अपने मित्र अरुण को धक्का देकर गिरा दिया और चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
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