आजमगढ़। लालगंज थाना क्षेत्र के मई खरगपुर में गाटा संख्या 324 रकबा .103 हेक्टेयर जमीन प्राथमिक पाठशाला के नाम से आरक्षित थी। 132 की जमीन का बदलैन बिना जिलाधिकारी और शासन की अनुमति से एसडीएम ने कुछ प्रभावशाली लोगों को कर दिया। जमीन फोरलेन हाईवे में आ गई है। इसकी तीन करोड़ रुपये मुआवजा तय हुआ है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने भुगतान पर रोक लगा दी है। अब फैसले के बाद ही मुआवजे का भुगतान होगा। लालगंज तहसील के मई खड़गपुर निवासी श्याम सुंदर राय, रामजी राय, सर्वेश राय आदि ने आरोप लगाया कि गांव के हरिनारायण राय, श्रीनिवास राय, हरिनिवास राय आदि ने धनबल के आधार पर बिना शासन और जिलाधिकारी के अनुमति के ग्राम सभा स्थित अपनी आराजी को एक्सचेंज कर गाटा संख्या 324 में अपना नाम दर्ज करा लिया। मामले में तहसील में एसडीएम के यहां वाद भी चल रहा है। गाटा संख्या 324 को प्राथमिक पाठशाला के लिए आरक्षित किया गया था। अभी वाद में कोई आदेश भी पारित नहीं हुआ है। गाटा संख्या 324 की अदला-बदली आराजी नंबर 253 से किया गया है। जमीन का बदलैन बिना जिलाधिकारी और शासन की अनुमति से संभव नहीं है। हरिनारायन राय ने 2004 में परमीशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन आदेश नहीं हुए। एसडीएम लालगंज ने पैसे के दबाव में बिना अनुमति के जमीन का बदलैन कर दिया। उन्होंने न कहा कि जमीन नेशनल हाईवे 233 में आ गई है। इसका लगभग तीन करोड़ रुपये मुआवजा तय हुआ है। शिकायत कर्ताओं ने मुआवजे का भुगतान ग्राम सभा के खाते में करने की मांग की है। जिलाधिकारी ने मामले का फैसला होने तक प्रतिकर का भुगतान करने पर रोक लगा दी है। इससे हड़कंप मचा है।