आजमगढ़। लापरवाही के आरोप में एसपी रविशंकर छवि ने कोतवाल देवगांव रहते विजय प्रताप सिंह को लाइनहाजिर तो कर दिया, लेकिन इनके भूमिका की जांच सीओ लालगंज को सौंपी है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि रात के समय क्षेत्र में गश्त करने की बजाय इंस्पेक्टर कमरे में सो जाते थे। हालांकि अभी सीओ अपनी जांच पूरी नहीं कर पाए हैं। जांच पूरी होने पर और सख्त विभागीय कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि दस सितंबर की भोर में करीब तीन बजे रोडवेज की जनरथ बस से उतरे डा. प्रवीर सिंह और उनकी पत्नी डा. पूजा सिंह देवगांव बाजार में तिराहे के पास एक गली के भीतर खड़े होकर अपनी बाइक आने का इंतजार कर रहे थे। तभी वाराणसी की तरफ से एक पिकअप में सवार चार से पांच की संख्या में बदमाश उतरे। गली में खड़े डा. प्रवीर और उनकी पत्नी के पास पहुंच गए। इस दौरान बदमाश जहां डा. प्रवीर से हाथापाई करने लगे। वहीं एक बदमाश झपट्टा मारकर डा. पूजा के दाहिने कान का झुमका और गले से चेन छीन लिया। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। देवगांव तिराहे पर जिस स्थान पर यह घटना घटित हुई, वहां कुछ दूरी पर दो होमगार्ड भी मौजूद रहे, लेकिन निहत्थे होमगार्डों की हिम्मत नहीं हुई। जबकि इस स्थान पर सिपाहियों की भी ड्यूटी लगती है, लेकिन घटना के समय सिपाही नदारद थे। पुलिस नियम के तहत भोर में चार बजे तक सभी थाना प्रभारी, कोतवाल सहित अन्य पुलिसवालों को क्षेत्र में गश्त करना था, लेकिन घटना के समय कोतवाल देवगांव रहे विजय प्रताप सिंह कमरे में सो रहे थे।
इस प्रकार की शिकायत मिलने पर देवगांव कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी विजय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच सीओ लालगंज को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - रविशंकर छवि, एसपी