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अभिलेखों में कूटरचना कर गाड़ा की जमीन पर किया कब्जा

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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के अराजी खलंगा गांव निवासी कैलाश पुत्र महावीर ने राजस्व अभिलेखागार के अभिलेखों में हेराफेरी कर पांच गाटों के गाड़ा की जमीन पर अपना नाम दर्ज करा लिया। जबकि तहसील के अभिलेखों में उक्त गाटा गाड़ा के नाम से ही दर्ज रहे। एडीएम वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में चल रहे मुकदमे में सुनवाई के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ने लाभार्थी और अभिलेख कर्मचारी के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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खलंगा गांव निवासी राजू पुत्र श्रीराम ने एक जून 2017 को गांव में गाड़ा की जमीन पर हुए कब्जे की शिकायत की। शिकायत पर हुई जांच में पाया गया कि कलेक्ट्रेट स्थित राजस्व अभिलेखागार में ओवरराइटिंग कर गांव के कैलाश पुत्र महावीर का नाम दर्ज किया गया है। मामला फर्जी होने के कारण एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता की अदालत में चला गया। सुनवाई के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ने तहसील से गांव के उक्त गाटों की रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में यह पाया गया कि तहसील के अभिलेखों में उक्त गाटे अभी भी गाड़ा के खाते में दर्ज हैं। इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया कि कूट रचना के आधार पर कैलाश पुत्र महावीर ने 1.02 एकड़ गाड़ा की भूमि पर अपना नाम दर्ज कराया है। इस पर एडीएम वित्त एवं राजस्व की न्यायालय ने आठ फरवरी को उक्त गाटों से कैलाश पुत्र महावीर का नाम निरस्त कर उउसे ग्राम सभा के गाड़ा के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही कूट रचना के लिए कैलाश पुत्र महावीर और अज्ञात अभिलेख कर्मचारी के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश राजस्व अभिलेखपाल को दिया है।
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