आजमगढ़। जनपद के महराजगंज विकास खंड के परशुरामपुर में बिना किसी डिग्री और लाइसेंस के संचालित एक चिकित्सालय को बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया। साथ ही चिकित्सालय संचालक के खिलाफ महराजगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रविंद्र कुमार ने बताया कि महराजगंज थाना क्षेत्र के परशुरामपुर में विजेंद्र गौतम, राम मिलन चिकित्सालय (बवासीर का दवाखाना) द्वारा फर्जी डिग्री का बोर्ड लगा कर ना सिर्फ इलाज किया जाता था बल्कि आपरेशन भी किया जाता था। जब इसकी सूचना 23 जुलाई को प्राप्त हुई तो क्षेत्रीय डिप्टी सीएमओ डा. सीपी गुप्ता एवं सहायक शोध अधिकारी सिद्धनाथ सिंह की टीम बना मौके पर भेजा। जानकारी मिली कि उक्त व्यक्ति द्वारा चिकित्सक के रूप में आवासीय परिसर को ही चिकित्सालय का रूप दे कर गरीब लोगों से इलाज के नाम पर धन उगाही की जा रही है। साथ ही वहां एक भगंदर और फोड़े का मरीज भी भर्ती पाया गया। टीम ने तत्काल चिकित्सालय के चार कमरों को सीज कर दिया और स्थानीय थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी प्राईवेट चिकित्सकों को भी सचेत किया कि गरीब जनता से आए दिन ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत हमारे कार्यालय को लगातार प्राप्त हो रही है। सभी निजी चिकित्सकों एवं प्रतिष्ठानों को सीधी ये चेतावनी है कि वे अपनी आदतों से बाज आएं अन्यथा कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होगी।