आजमगढ़। लालगंज तहसील के गांव भोजपुर में प्रधान और सेक्रेटरी ने 65 शौचालयों का 7.68 लाख रुपया गबन कर लिया था। कुछ शौचालय बनवाए गए भी थे तो इसके पैसे लाभार्थियों के खाले में न भेज स्वयं बनवाए गए थे। एक ही परिवार में कई शौचालय दे दिए गए थे। जांच के दौरान पोल खुली तो दोनों पर एफआईआर भी हुई। इसके बाद न प्रधान का खाता बंद हुआ न कोई अन्य कार्रवाई। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई की मांग है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शासन की ओर से तो धन भेजकर योजना को अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन प्रधान और सचिव ही शासन की योजना को पलीता लगाने पर तुले हैं। लालगंज तहसील के पल्हना ब्लाक के गांव भोजपुर निवासी पदुमनाथ ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी की शौचालय निर्माण में प्रधान और सेक्रेटरी की ओर भारी अनियमितता की गई है। तत्कालीन डीपीआरओ जितेंद्र नाथ मिश्र ने मामले की जांच सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से कराई। 31 जुलाई 17 को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि कुल 175 शौचालयों के लिए गांव में पैसा गया था। पैसा लाभार्थियों के खाते में नहीं भेजा गया। कुछ शौचालय प्रधान और सचिव की ओर से स्वयं बनवाए गए। एक ही परिवार को कई लोगों के शौचालय बनवा दिए गए थे। 64 शौचालाय बनवाए ही नहीं गए। इसकी 7.68 लाख की धनराशि का गबन कर लिया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद 14 अगस्त 2017 को डीपीआरओ जितेंद्र नाथ मिश्र ने प्रधान पूनम देवी पत्नी रविंद्र और सचिव संतोष कुमार सिंह पुत्र सुदामा सिंह पर एफआईआर के निर्देश दिए थे। दोनों पर दो सितंबर को एफआईआर भी कराई गई, लेकिन न प्रधान का खाता बंद किया गया और न ही कोई कार्रर्वा हुई। शिकायतकर्ता पदुमनाथ ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कहा कि उच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में आदेश दिया है, जिसे विभाग को सौंप दिया गया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।