लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया गांव में जहरीली शराब पीने से हुई श्यामप्रीत पुत्र बगेदू की मौत से उसकी विकलांग मां और तीन छोटी बहनों की दशा देखी नहीं जा रही। सभी बेसुध हो गए हैं। उनका कहना है कि इलाज के अभाव में उसके बेटा तड़प-तड़पकर मर गया। श्यामप्रीत की मां अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए दस हजार रुपये में अपनी जमीन को गिरवी रख दिया है।
केवटहिया गांव निवासी श्यामप्रीत की मां शुकुली देवी ने बताया कि उसका बेटा रिक्शा खिंचकर परिवार का भरण पोषण करता था। मां ने श्यामप्रीत को कई बार शराब न पीने की चेतावनी दी और डांट लगाई। हर बार श्यामप्रीत मां से यही कहता था कि मां थोड़ी सी पीने के बाद थमान मिट जाती है। रिक्शे की कमाई से घर चलाना और अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए श्यामप्रीत दूकान से शराब न खरीदकर गांव में बिकने वाली सस्ती शराब खरीदकर पी लिया करता था। छह जुलाई को भी वह अपने गांव से शराब खरीदकर पिया जो जहरीली निकली और उसकी मौत हो गई। श्यामप्रीत की मां शुकुली देवी और तीन छोटी बहनों ने बताया कि जब भईया की तबियत खराब हुई तो घर में रुपये नहीं थे कि उन्हें अस्पताल ले जाया जा सके। इलाज के अभाव में श्यामप्रीत की मौत हो गई। उसकी मां ने बताया कि बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए वह अपनी छह विस्वा जमीन को दस हजार रुपये में गिरवी रख दी है। इसी रुपये से अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
छह परिवारों को दिया गया खाद्यान्न
सगड़ी (ब्यूरो)। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत अजमतगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई छह लोगों की मौत के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर कोटेदार ने इनके घर वालों को 50-50 किलो राशन दिया है। इसमें 25 किलो गेहूं और 25 किलो चावल शामिल है। जिनके घर वालों को राशन दिया गया। उसमें बद्री, मोती धरिकार, विनोद शर्मा, रवि निषाद, रामनयन गोंड़ और फूलचंद सैनी का नाम शामिल है।