आजमगढ़। मुकेरीगंज में पटाखा गोदाम में रविवार की शाम को अगलगी की घटना में कुल 17 लोग झुलसे थे। इनमें सात की मौत हो चुकी है। सोमवार को बड़ी मशक्कत के बाद इनकी शिनाख्त हो सकी। मौत को आंकड़ा और भी बढ़ सकता है क्योंकि झुलसे लोगों में कई की हालत गंभीर है। उन्हें वाराणसी के बीएचयू और मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती कराया गया है।
मुकेरीगंज मुहल्ले में सतिराम गुप्ता व विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी का मकान है। इसमें किराएदार भी रहते हैं। दोनों भाईयों में कुछ दिन पहले ही बंटवारा हुआ था। इस वजह से ही सतिराम ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए बाहर से लोहे की सीढ़ी बनवा रहा था। इसकी मकान के पिछले हिस्से में पटाखे का गोदाम भी था। बेल्डिंग की चिंगारी से पास रखे गैस कटर के सिलेंडर में आग लगी और सिलेंडर फट गया। इसके बाद आग ने पटाखे के गोदाम व एक अन्य सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया। भीषण आग लग गई और इस घटना में 17 लोग झुलस गए। मृतकों में गृहस्वामी के परिवार के 42 वर्षीय सतिराम पुत्र पल्टन, राखी व बेबी पुत्री स्व. श्रीराम गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा अंदर चल रहे निर्माण कार्य में लगे राजगीर 48 जगपत चौहान पुत्र स्वारथ निवासी पूरापार थाना घोसी, जिला मऊ, मजदूर राम मिलन राम पुत्र राम समुझ निवासी शंभूपुर अहरौला, 50 वर्षीय रामलखन पुत्र द्विजराम निवासी देवारा कदीम थाना महराजगंज, 26 वर्षीय उपेंद्र यादव पुत्र सतीश निवासी बेरमा थाना कोतवाली जीयनपुर शामिल है। इन सभी की शिनाख्त में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की सूचना पर मायके से पहुंची गृहस्वामी विजय गुप्ता उर्फ खिलाड़ी की पत्नी ने मृतकों की पहचान की।
मौत खींच लाई थी सतिराम को मुंबई से आजमगढ़
बलरामपुर। अगलगी की घटना में मृत सतिराम पुत्र पल्टन को उसकी मौत ही मुंबई से आजमगढ़ खींच कर लायी थी। सतिराम के साले की बेटी की शादी नौ मार्च को थी। इसमें ही शामिल होने के लिए वह आठ मार्च को मुंबई से अपने दो बेटों के साथ मऊ के चिरैयाकोट स्थित अपनी ससुराल आया था। शादी में शामिल होने के बाद वह मुकेरीगंज स्थित अपने घर पहुंचा तो भाई के साथ अपने हिस्से का बंटवारा किया। इसके बाद वह रविवार को बाहर से लोहे की सीढ़ी बनवा रहा था तभी यह घटना हुई। सतिराम मुंबई में परिवार के साथ रहता था और फुटपाथ पर मूंगफली बेचने का काम करता था।
मृतकों के परिजनों में कोहराम, रो-रो कर हुआ बुरा हाल
आजमगढ़। अगलगी की घटना में मृत हुए लोगों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। घटना में मृत मजदूर राम मिलन दो पुत्र व एक पुत्री का पिता था। बेटी ब्याह योग्य है। वहीं मृतक रामलखन तीन पुत्रों का पिता है। मृतक उपेंद्र की अभी दो साल पूर्व ही शादी हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है। मृत राजगीर जगपत पांच पुत्र व एक पुत्री का पिता था। सभी मृतकों के घरों पर कोहराम मचा हुआ है। पीएम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से सभी की आंखें भर आईं।