आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल बाजार निवासी आभूषण कारोबार रत्नेश सोनी और बरदह थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने बुधवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस घटना का खुलासा करने की बजाय उल्टे पीड़ितों को ही धमका रहे हैं। महिला की शिकायत पर एसपी सिटी ने विवेचक को तलब किया है। जबकि दूसरे मामले में एसपी ग्रामीण ने एसओ को फटकार लगाई है। पीड़ित महिला बरदह थाना क्षेत्र की रहने वाली है। महिला के मुताबिक उसके पति होमगार्ड हैं। अगस्त माह में क्षेत्र का एक मनबढ़ किस्म का युवक उसके 16 वर्षीय बेटी को अगवा कर लिया। बेटी उसके चंगुल में है। 28 अगस्त को थाने में तहरीर दी गई तो पुलिस आरोपी से मिल गई। विवेचक के इशारे पर आरोपी हाईकोर्ट में रीट दाखिल करते हुए किशोरी के पिता और विवेचक को पार्टी बना दिया। 11 सितंबर को कोर्ट ने रीट को खारिज करते हुए पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया। बावजूद इसके पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे किशोरी के घर जाकर उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों को तरह-तरह की धमकी दे रही। कई बार पुलिस महिला के बेटे को ही हिरासत में लेकर थाने बैठा ली। रिश्वत देने के बाद छोड़ा गया। मामला संज्ञान में आने पर एसपीसिटी कमलेश बहादुर ने विवेचना करने वाले दरोगा को अभिलेखों के साथ तलब किया है। इसीक्रम में अहरौला थाने के माहुल बाजार निवासी रत्नेश सोनी के दुकान का ताला तोड़कर तीन जनवरी की रात चोर दुकान में घुसे और करीब आठ लाख रुपये मूल्य का आभूषण चुरा लिया। रत्नेश सोनी का आरोप है कि अहरौला थाने की पुलिस घटना का खुलासा करने की बजाय उल्टे उसे ही थाने और चौकी पर बुलाकर उसे तरह-तरह की धमकी दे रही। शिकायत मिलने पर एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने एसओ अहरौला को जमकर फटकार लगाई। साथ ही घटना का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया है।