आजमगढ़। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार गांव निवासी शेषमणि सिंह की मौत घटना के करीब चार माह बाद भी क्षेत्र वालों के लिए रहस्य बना हुआ है। शेषमणि की मौत के मामले में पहले तो दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज कराकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया। बाद में दो सितंबर को दर्ज दुर्घटना की रिपोर्ट हत्या की धारा में तरमीम कर नए सिरे से जांच शुरू की गई। यह जांच अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर पुन: हत्या की धारा से दुर्घटना की धारा में तरमीम कर दिया गया। पुलिस दुर्घटना साबित करने के लिए साक्ष्य सबूत जुटा रही है। इस मौत के मामले में बार-बार के पैतरे से पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान उठने लगा है। घटना पर गौर करें तो देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चेवार गांव निवासी युवक शेषमणि सिंह भोपाल की एक दवा कंपनी में काम करता था। पत्नी को अपने साथ ले जाने के लिए वह भोपाल से घर लौट रहा था। 17 अगस्त की दोपहर करीब एक बजे वह वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उतरा। कैंट स्टेशन पर उतरने तक की जानकारी घर वालों को थी। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। रात करीब डेढ़ बजे शेषमणि सिंह अपने गांव से नजदीक आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे घायलावस्था में पड़ा हुआ था। उसके शरीर पर सिर्फ शर्ट और अंडरवीयर थी, उसके कपड़े गायब थे। इसी बात पर घर वालों को शक है कि मौत दुर्घटना से नहीं बल्कि हत्या की गई है। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि शक के आधार पर हत्या की धारा में रिपोर्ट तरमीम की गई थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर हत्या को दुर्घटना की धारा में तरमीम कर जांच की जा रही।