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चार दिन बीते नहीं दर्ज हुई घपलेबाजों पर रिपोर्ट

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आजमगढ़। पल्हना ब्लाक के सांसद आदर्श ग्राम लहुआंखुर्द में वर्ष 2015-16 में 150 शौचालयों के निर्माण के लिए 18 लाख की धनराशि ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। प्रधान और सेक्रेटरी ने घनराशि का गबन कर दिया। त्रिस्तरीय कमेटी की जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद वीडीओ को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन जिलाधिकारी के आदेश के चार दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और रिकवरी का कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। मामले में राजनीतिक दबाव की बातें भी सामने आ रही हैं। सांसद आदर्श ग्राम लहुआंखुर्द में वर्ष 2015-16 में 150 शौचालयों के निर्माण के लिए 18 लाख की धनराशि ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। प्रधान और सेक्रेटरी ने एकमुश्त धनराशि तो निकाल ली, लेकिन लाभार्थियों को न देकर डकार गए। घपले की सूचना जिलाधिकारी के पास पहुंची तो उन्होंने जांच बीडीओ के नेतृत्व में त्रिस्तरीय कमेटी को सौंपी। बीडीओ, एडीओ आईएसबी और अवर अभियंता लघु सिंचाई ने मामले की जांच की। पता चला कि तत्कालीन प्रधान सरोजा देवी और ग्राम विकास अधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने एक मुश्त धनराशि खाते से निकाल ली थी। गांव में 41 शौचालय बने हैं, लेकिन 37 लाभार्थियों ने शपथ पत्र दिया है कि प्रधान की ओर से उन्हें धन नहीं दिया गया। मामले में पहले ही वीडीओ चंद्रशेखर सिंह को निलंबित किया जा चुका है। छह जून को मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। उसी दिन जिलाधिकारी ने मामले में एफआईआर के निर्देश भी दे दिए थे। इसके बाद भी अभी तक आरोपियों पर न तो एफआईआर की गई है और न ही रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस जारी की गई है। वहीं, सूत्रों की मानें तो एफआईआर न करने को लेकर सत्ताधारियों की ओर से ही जिला प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है। अब मामले को लेकर जिला प्रशासन भी पशोपेश में पड़ गया है। उधर, सबकी नजरे जिला प्रशासन पर टिकी है कि क्या कार्रवाई होती है। आनंद प्रकाश, डीपीआरओ ने बताया कि जिलाधिकारी ने एफआईआर के निर्देश दे दिए हैं। लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में था। इसलिए अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है। जल्द ही एडीओ पंचायत से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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