आजमगढ़। जहानागंज थाना क्षेत्र के कारिसात गांव निवासी 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश शिवानंद चौबे द्वारा 15 मई को शहर कोतवाली पुलिस ने सरेंडर करने का दावा किया। जबकि इसी बदमाश को दो दिन बाद गोरखपुर जिले की पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की जानकारी दी। एक ही बदमाश के दो जिलों की पुलिस द्वारा अलग-अलग समय में पकड़ने का मामला सामने आने पर डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र ने दोनों जिलों की पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। उधर शिवानंद के गिरफ्तार होने की सूचना पर उसके गुर्गे क्षेत्र के उन दुकानदारों से रुपये वसूलने में जुटे हैं, जिसे लूटी गई ट्रक में भरी चाय बेची गई थी। अच्छी खासी गैंग रखने वाला जहानागंज थाना क्षेत्र के कारिसात गांव निवासी शिवानंद चौबे पेशेवर लुटेरा है। इसकी गिरोह ने दस जुलाई 2016 को गोरखपुर हाइवे पर चाय से भरी ट्रक लूटी थी। गोरखपुर जिले की पुलिस की जांच पड़ताल के दौरान शिवानंद चौबे के गिरोह का हाथ उजागर होने पर पुलिस उनकी तलाश में जुट गई, साथ ही शिवानंद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। उधर बदमाशों ने लूटी चायपत्ती क्षेत्र के तमाम दुकानदारों को उधार में दे दी और उसके रुपये धीरे-धीरे वसूल रहे थे। इसी बीच 15 मई को एनकाउंटर के भय से शिवानंद ने शहर कोतवाली में एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष हथियार डाल दिया। शिवानंद के गिरफ्तार होने पर उसके गुर्गों ने दुकानदारों वसूली तेज कर दी है। विजय भूषण, डीआईजी, आजमगढ़ परिक्षेत्र, इस मामले में दोनों जिलों के एसपी से रिपोर्ट तलब की गई है। जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।