आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के चकबेरमा गांव निवासी हरिनारायण उर्फ हरिश्याम उर्फ भुल्ला पुत्र लालता प्रसाद पांडेय को जिलाधिकारी ने छह माह तक लगातार अहरौला थाने में हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया है। बताते चलें कि थानाध्यक्ष अहरौला की आख्या और पुलिस अधीक्षक की संस्तुति पर जिलाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत हुए मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को जिलाधिकारी कोर्ट में हुई। अपने आदेश में जिलाधिकारी ने कहा कि अहरौला थानाध्यक्ष से प्राप्त आख्या के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने हरिनारायण उर्फ हरिश्याम उर्फ भुल्ला के उप्र गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई थी। अपनी संस्तुति में उन्होंने हरिनारायण को अपराधी किस्म का व्यक्ति बताते हुए उसे जनमानस के लिए खतरा बताया था। इस पर उसे सुनवाई का अवसर देते हुए 18 जुलाई 2017 को नोटिस जारी की गई। नोटिस का जवाब हरिनारायण की और से तीन जनवरी 2018 को दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि उसके विरुद्घ जिन मुकदमों का हवाला दिया गया है वे एक ही वर्ष में एक ही पारिवारिक विवाद को लेकर पुलिस और विपक्षी द्वारा उसके विरुद्घ दर्ज कराया गया है। उसका और उसके परिजन का कोई आपराधिक चरित्र या आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। वह खेतीबारी कर अपना और अपने परिजनों का जीविकोपार्जन कर रहा है। उसका ग्राम स्थित आबादी की भूमि को लेकर गांव के कुछ लोगों से विवाद है। उन लोगों द्वारा पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई कराई गई है। उन्होंने इस कारण कारण बताओ नोटिस वापस लेने का अनुरोध किया। शुक्रवार को जिलाधिकारी न्यायालय में हुई मुकदमें की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिलाधिकारी ने हरिनारायण पांडेय को छह माह तक अहरौला थाने में हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया।