आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नरेंद्र मोदी मोर्चा का गठन करके पांच से अधिक राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठने वाले संगठन के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर भले ही जेल भेजवा दिया, लेकिन इस मामले में लिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के आसिफगंज मुहल्ला निवासी सैय्यद काजी अरशद की तरफ से 27 अक्तूबर 2017 को शहर कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसने आरोप लगाया था हि बिहार के वैशाली जिले के विद्योपुर थाना क्षेत्र के पैकौली गांव निवासी आशीष सिंह राजपूत उसकी पत्नी डौली और राजस्थान के जयपुर का रहने वाला उसका मित्र राजीव रंजन कौशल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नरेंद्र मोदी मोर्चा नाम से संगठन बनाया है। इसके जरिए लोगों से धन उगाही करते हैं। इनका रैकेट यूपी के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में फैला हुआ है। स्वयं शिकायतकर्ता सैय्यद काजी अरशद से इन सभी ने दो किस्तों में 1.10 लाख रुपये हड़पे हैं। बड़ा पद देने के लिए और रुपये की मांग कर रहे थे। इसके अलावा कई बड़े-बड़े अधिकारियों को हटाने और उन्हें मनचाहा पद दिलाने के नाम पर भी अधिकारियों से पैसे लेते हैं। एसपीसिटी आजमगढ़ सुभाष चंद्र गंगवार को भी हटवाने के लिए इन्होंने जिले के कुछ लोगों से मोटी रकम वसुली है। मुकदमा दर्ज करने के बाद शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह 16 जनवरी को दिल्ली से सटे गाजियाबाद में स्थित आशीष सिंह के घर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 17 जनवरी को शहर कोतवाली में एसपी अजय कुमार साहनी ने इस बड़े रैकेट का खुलासा किया था। साथ ही इस मामले में लिप्त अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था। बावजूद इसके पुलिस अब तक अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर की बात रही। जांच को ही ठंडे बस्ते में डाल कर मौन साध गई है।
मामला हाईप्रोफाइल और पांच से अधिक राज्यों से जुड़ा होने की वजह से साक्ष्य और सबूत इकट्ठा करने में थोड़ा समय लग रहा है। जल्द ही पुलिस मजबूती के साथ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी।
- अजय कुमार साहनी, एसपी, आजमगढ़