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सिपाही को रिमांड पर लेकर हो रही पूछताछ

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आजमगढ़। सिपाही को चकमा देकर दीवानी न्यायालय के पास से सोमवार को फरार हुए सजायाफ्ता मोहन पासी का दूसरे दिन मंगलवार की शाम तक कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस उसे दीवानी लॉकअप से लेकर कोर्ट में पेश कराने ले गए सिपाही को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। इसके अलावा मोहन के नात रिश्तेदारों को भी हिरासत में लेकर पूछा जा रहा है। उधर मोहन की तलाश में लगाई गई पुलिस की टीमें भी इधर-उधर की खाक छान रही हैं।
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वर्ष 2008 में जहानागंज थाना क्षेत्र के डीहां गांव के प्रधान राकेश सिंह पप्पू सहित चार लोगों की हत्या में शामिल मोहन पासी आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। जहानागंज थाना क्षेत्र के शमशुद्दीनपुर गांव निवासी मोहन पासी कुख्यात श्यामबाबू गिरोह का सक्रिय सदस्य के रुप में जाना जाता था। मोहन पासी के विरुद्ध एक दर्जन से अधिक हत्या, हत्या का प्रयास और लूट के मुकदमे दर्ज हैं। निजामाबाद थाना क्षेत्र में गत दिनों हुई गोली मारकर लूट के मामले में मोहन पासी की सोमवार को अदालत में पेशी थी। न्यायालय लाकअप से पुलिस लाइन में तैनात सिपाही रामाश्रय चौहान मोहन को अदालत में पेश कराकर वापस लॉकअप ला रहा था। इस दौरान मोहन सिपाही से हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। जिस समय वह भागा उस समय मोहन के साथ उसका भाई दीनानाथ पासी भी मौजूद था।
पुलिस ने मोहन के भाई दीनानाथ और सिपाही रामाश्रय को गिरफ्तार कर लिया। उधर आरोपी के फरार होने के मामले में लापरवाही पाए जाने पर एसपी अजय कुमार साहनी ने सिपाही रामाश्रय चौहान और हेडकांस्टेबल उदयनरायण तिवारी को निलंबित कर दिया। साथ ही मोहन को पकड़ने के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया है। जो दूसरे दिन भी खाक छान रही थी। उधर शहर कोतवाली पुलिस गिरफ्तार सिपाही और दीनानाथ पासी को चालान कर अदालत से दोनों की रिमांड मांगी। अदालत के निर्देश पर इन दोनों से गहन पूछताछ की गई। एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि लापरवाही के आरोप में सिपाही और हेडकांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। पुलिस की टीमें मोहन की तलाश में जुटी हुई हैं।
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