आजमगढ़। जनपद में सांसद निधि के घोटाले का मामला कोई नया नहीं है। अभी पुराने मामलों में कोई कार्रवाई हुई नहीं और एक नया मामला प्रकाश में आया है। गंभीरवन में विद्यालय के नाम पर 50 लाख रुपये की सांसद निधि ली गई। लेकिन जब इसकी जांच की गई तो मौके पर विद्यालय का नामोनिशान ही मौजूद नहीं था।
जिले में सांसद निधि के घोटाले का मामला प्रकाश में आने के बाद एक बार फिर प्रशासन सकते में हैं। बताते चलें कि सदर तहसील के गंभीरवन में एक व्यक्ति द्वारा विद्यालय के नाम पर 50 लाख रुपये की सांसद निधि ली गई। लेकिन विद्यालय का निर्माण नहीं कराया गया। जानकारी होने पर किसी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कर दी। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन स्तब्ध रह गया। जिलाधिकारी ने मामले की जांच एडीएम वित्त एवं राजस्व वीके गुप्ता को सौंपी है। जिले में सांसद और विधायक निधि के घोटाले का यह कोई नया मामला नहीं है। इसके पूर्व भी सांसद और विधायक निधि के कई मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। नया मामला सामने आने के बाद एक बार फिर से पुराने मामले उधड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी जिले के अधिकारी इस मामले में कुछ कहने से बच रहे हैं। वैसे एडीएम वित्त एवं राजस्व इस मामले की जांच कर चुके हैं। लेकिन अभी वह मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
मेरे सामने शिकायत पड़ी है लेकिन अभी तक मैंने इसे पढ़ा नहीं है। लेकिन मैंने इसकी जांच की है। पूरा मामले की जांच करने के बाद सबको बता दिया जाएगा।
वीके गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व।