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हड़पी गई सरकारी धनराशि को भूला विभाग

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समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 के दौरान शुल्क प्रतिपूर्ति, छात्रवृत्ति और पेंशन आदि योजनाओं के मद में 150 करोड़ का घोटाला हुआ था। जांच में 2.86 करोड़ के घोटाले की पुष्टि हुई थी और 50 करोड़ से अधिक के घोटाले के साक्ष्य भी मिले थे। इसमें 2.86 करोड़ के घोटाले में पिछले माह डीसीबी के मुख्य शाखा प्रबंधक समेत सात लोगों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी हुए थे। अभी तक धनराशि जमा नहीं करने पर अब आरोपियों को भू-राजस्व वसूली के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी है।
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2.86 करोड़ के घोटाले में सितंबर में देवखरी निवासी गोविंद पुत्र सुरेश को 38 लाख, अनीत पत्नी गोविंद को 45.35 लाख, राहुल पुत्र रामरूप को 10.27 लाख, गौरीनरायनपुर-बस्ती निवासी रमेश पुत्र रामधनी को 15.42 लाख, बलिराम बेचू इंटर कालेज के प्रबंधक जय प्रकाश यादव को 61.86 लाख रुपये की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही डीसीबी की मुख्य शाखा प्रबंध को 90.34 लाख रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया था, जिसे घोटाले की जांच शुरू होते ही बूढ़नपुर शाखा ने ये कहते हुए वापस कर दिया था कि सूची के अनुसार छात्र और खाता संख्या उनके यहां नहीं हैं। बूढ़नपुर शाखा ने इसे समाज कल्याण विभाग के नोशनल खाते में जमा कराने को कहा गया था, लेकिन मुख्य शाखा की ओर से इसे जमा नहीं किया गया था। कई बार चेताने के बाद भी शाखा की ओर से रुपया वापस नहीं करने पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद भी शाखा प्रबंधक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब समाज कल्याण विभाग की ओर से इन सभी को भूज राजस्व विभाग की ओर से वसूली के लिए नोटिस देने की बात कही जा रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि जल्द ही रुपया वापस नहीं किया गया था। उक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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