रानी की सराय। कस्बे के रुदरी मोड़ पर स्थित प्राचीन शंकर जी की मूर्ति को बुधवार की रात अराजकतत्वों ने तोड़ दिया। गुरुवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर आक्रोशित बाजार के लोगों ने दोषियों पर कार्रवाई और नई प्रतिमा लगाने की मांग करते हुए मौके पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सिटी सच्चिदानंद मौके पर पहुंचे और उनकी मांग मानते हुए करीब एक घंटे बाद जाम को समाप्त करा दिया।
रानी की सराय कस्बे के रुदरी मोड़ पर वर्ष 1984 में स्थापना कर भगवान शंकर जी की प्रतिमा लगाई गई जहां लोग पूजा-पाठ करते हैं। बुधवार की रात कुछ अराजकतत्वों ने प्रतिमा को खंडित कर बगल में फेंक दिया। गुरुवार की सुबह बाजार के लोग उधर से गुजरे और खंडित प्रतिमा देखकर आक्रोशित हो गए। घटना की जानकारी होने पर धीरे-धीरे बाजारवासियों के अलावा आसपास गांव के लोग भी जुट गए। लोग तत्काल नई प्रतिमा लगवाने और दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए मौके पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सुबह सात बजे से प्रमुख मार्ग पर यातायात ठप होने से महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर, सीओ सिटी, रानी की सराय थाने की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। बाजारवासियों और पुलिस के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। अंत में सीओ ने लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए करीब एक घंटे बाद सुबह आठ बजे जाम समाप्त करा दिया। जाम खत्म होने के बाद यातायात बहाल हो गया। उधर बाजार के लोग चंदा इकट्ठा कर नई प्रतिमा लाने के लिए वाराणसी रवाना हो गए। सीओ सिटी सच्चिदानंद ने बताया कि पुलिस अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर उनकी पहचान करने में जुटी है।