दीदारगंज थाने के चितारामहमूदपुर और निकासीपुर गांव के सिवान में मंगलवार की सुबह चिंगारी से गेहूं के खेत में आग लग गई। इससे दर्जनों किसानों की करीब 400 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग बुझाने पहुंचा लालगंज फायर ब्रिगेड की जीप का इंजन स्टार्ट न होने से आक्रोशित ग्रामीण उसे फूंकने जा रहे थे, लेकिन एसडीएम मार्टिनगंज ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। गांव वालों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया।
चितारामहमूदपुर और निकासीपुर गांव में अभी गेहूं के फसल की कटाई नहीं हो सकी है। दोनों गांव का सिवान आपस में सटा हुआ है। मंगलवार की सुबह करीब दस बजे चिंगारी से खेत में आग लग गई। धुआं और चिंगारी उठने पर घटना की जानकारी हुई तो ग्रामीण शोर मचाते हुए आग बुझाने में जुट गए। इसी बीच एसडीएम मार्टिनगंज दुर्गेश मिश्रा और तहसीलदार जंगबहादुर यादव पहुंच गए। एसडीएम ने लालगंज से फायर ब्रिगेड बुलाया।
करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड के जवान एक छोटी सी जीप लेकर पहुंचे और पानी निकालने के लिए कुएं में पाइप डाला, लेकिन इंजन स्टार्ट ही नहीं हुआ। तेज हवा के चलते आग भयावह हो चुकी थी। इससे नाराज गांव के लोग जीप फूंकने जा रहे थे, लेकिन एसडीएम ने समझाकर शांत कराया। बाद में बूढऩपुर तहसील से फायर की गाड़ी पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक निकासीपुर के हरिहर सिंह, विजय यादव, पप्पू यादव, चितारामहमूदपुर के जफर, फरहद, रियाज, शहमा, एकलाख, राशिद, आरिफ, अनूवारु, मजहर, इंद्रदेव, बुधिराम, राजाराम आदि की करीब 400 बीघा गेहूं की फसल राख हो गई।
एसडीएम मार्टिनगंज दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं बरदह थाने के महुजा नेवादा गांव निवासी बिलबल राम के खलिहान में आग लगने से 50 बोझ गेहूं जल गया। दीदारगंज थाने के अमनावे गांव निवासी जनार्दन सिंह के मकान में आग लगने से एक लाख का सामान जल गया।