आजमगढ़। खनन विभाग के अधीन जिले में 501 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। इन ईंट भट्ठों पर रायल्टी के चार करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये बकाया हैं। इनमें से तीन ईंट भट्ठे ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष 1991-92 से रायल्टी जमा नहीं की है। जबकि एक ईंट भट्ठा संचालक द्वारा वर्ष1994-95 से रायल्टी जमा नहीं की गई है। विभाग द्वारा अब इनको आरसी जारी कर वसूली करने की तैयारी की जा रही है। ईंट भट्ठों के संचालन से पूर्व भट्ठा मालिक को जिला खनिज फाउंडेशन न्यास, रायल्टी, टीसीएल आदि जमा करने के साथ ही पर्यावरण अनापत्ति प्रमाण पत्र विभाग के पास जमा करना होता है। जिले में 501 ईंट भट्ठे संचालित होते हैं। इनमें से अब तक मात्र 50 भट्ठा मालिकों ने रायल्टी जमा कर अभिलेख खनन विभाग को उपलब्ध कराए हैं। जबकि जिले के कुल ईंट भट्ठों पर चार करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपये की रायल्टी बकाया है। खनन विभाग की ओर इन लोगों को कई बार नोटिस जारी की गई लेकिन इन लोगों द्वारा रायल्टी जमा नहीं की जा रही है। वहीं बहुत से ईंट भट्ठे ऐसे हैं जिन्होंने रायल्टी जमा किए बिना ही मिट्टी का खनन कर लिया है। इसके लिए पूर्व में जांच कर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए थे। लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी किसी भी एसडीएम ने आख्या उपलब्ध नहीं कराई। इस पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने खान निरीक्षक और सभी एसडीएम को भट्ठों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा गया है बिना रायल्टी जमा किए संचालित हो रहे भट्ठों में पानी डलवाया जाएगा।