आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी के साथ 7 जुलाई की शाम गैंगरेप हुआ था। विभाग की कारगुजारी तो देखिए कि ना सिर्फ उन्होंने 13 वर्ष की किशोरी की उम्र 20 वर्ष दिखा दी बल्कि दुबारा मेडिकल बोर्ड गठित कर पुन: जांच करने के आयुक्त का निर्देश मिलने से ही नकार गए। जिसे लेकर परिजन आक्रोशित है। घटना के आरोपी दुकान के मालिक का बेटा और उसके दोस्त हैं। किशोरी के घरवालों ने दुकानदार के पुत्र समेत तीन युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी। रेप पीड़िता किशोरी के असली और मेडिकल रिपोर्ट में अंकित उम्र में काफी अंतर है। परिजनों ने 19 जुलाई को मेडिकल रिपोर्ट को गलत बताते हुए दोबारा मेडिकल कराने की मांग कमिश्नर से की थी। कमिश्नर ने सीएमओ को मेडिकल बोर्ड गठित कर पुन: जांच का निर्देश दिया है। वहीं जन्म प्रमाण पत्र रिपोर्ट में गड़बड़ी को लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। सीएमओ कार्यालय अपनी सफाई देने में जुटा हुआ है। प्रमाण पत्र जारी करने वाले डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष कहना है कि बलिया में पीड़िता का एक्स रे हुआ और वहां के रेडियोलॉजिस्ट ने जो रिपोर्ट दी है उस पर काउंटर सिग्नेचर कर जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। यदि कोई गड़बड़ी हुई भी है तो वह रेडियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट में हो सकती है। वहीं सूत्रों के अनुसार 27 जुलाई को ही मंडलायुक्त का निर्देश सीएमओ कार्यालय पहुंच चुका है। लेकिन सीएमओ ने अब तक ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से इंकार किया।
जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मेरे कार्यालय के स्तर से नहीं हुई है। डिप्टी सीएमओ ने रेडियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट पर काउंटर सिग्नेचर कर जन्म प्रमाण पत्र जारी किया है। जहां तक मंडलायुक्त के पुन: जांच के निर्देश की बात है तो मुझे अभी जानकारी नहीं है। यदि उन्होंने पुन: जांच का निर्देश दिया है तो निश्चित तौर पर पुन: जांच करायी जायेगी।
डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ, आजमगढ़।