आजमगढ़। खाद्य विभाग द्वारा पूर्व में विभिन्न दुकानों और ग्वालों से लिए गए दूध, बेसन और छेने की मिठाई का नमूना जांच में फेल पाया गया। सजा का निर्धारण करने के लिए एडीएम प्रशासन की कोर्ट में मामले को पेश किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने एक के खिलाफ 24 हजार और शेष चार के ऊपर 25.25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। खाद्य विभाग की टीम ने 26 अक्टूबर 2016 को लालगंज तहसील के सामने स्थित बजरंग स्वीट्स से खोवा का नमूना 24 जून 2017 को शाहगढ़ बाजार के संतोष मौर्य के मिठाई की दुकान से सोनपापड़ी, 26 मई 2017 को सठियांव बाजार स्थित चौक के पास ग्वाले पारस यादव से दूध, 24 सितंबर 2016 को अमीर हसन की पुराहादी अंबारी स्थित दुकान से छेने की मिठाई और 25 अप्रैल 2016 को देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव निवासी रामजन्म चौहान के किराने की दुकान से बेसन का नमूना लिया था। टीम ने नमूने को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा। जांच में सारे नमूने फेल पाए गए। इस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभाग ने एडीएम प्रशासन की कोर्ट में मामले को पेश किया। अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने और जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम प्रशासन ने चार दुकानों पर 25-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि पर एक अमीर हसन पर 24 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही जुर्माने की रकम को एक माह के भीतर ट्रेजरी चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करने का निर्देश दिया।