आजमगढ़। पुलिस की वर्दी में शामिल टोपी में बदलाव करते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने सभी हेडकांस्टेबल और कांस्टेबलों को फोल्डिंग कैप के बजाय खाकी ऊनी बैरट कैप लगाने का निर्देश दिया है। डीजीपी की तरफ से लिए गए इस आदेश की प्रतिलिपि सभी जिलों के एसपी को भेज दी गई है। जल्द ही टोपी में परिवर्तन कर दिया जाएगा।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस वर्दी विनियम 1986 की व्यवस्था के अनुसार यूपी पुलिस विभाग के विभिन्न संवर्गों में अलग-अलग टोपी, कैप के साथ वर्दी पहनी जाती है। ऐसे में यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रदेश पुलिस के काम करने की प्रकृति को देखते हुए सभी संवर्गों में नियुक्त हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को वर्दी के साथ फोल्डिंग कैप, खाकी सर्ज फटींग कैप के स्थान पर खाकी ऊनी बैरट कैप लगाने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद से पत्र भेजकर सभी जिलों के एसपी/एएसपी को सूचित किया गया है कि हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के पद पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को अब से नई टोपी पहनना होगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि खाकी ऊनी बैरट कैप की खरीदारी संबंधित पुलिसकर्मी करेंगे। इसके लिए सभी हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को निर्धारित मूल्य खाते में दिया जाएगा। पुलिस विभाग के लोगों की मानें तो इससे पूर्व फोल्डिंग कैप पहनकर ड्यूटी किया जाता था। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही थी। क्योंकि यह टोपी लगाकर पेट्रोलिंग करते समय हवा के झोंके से कैप उड़ जाती थी। सर से टोपी उड़ने न पाए ऐसे में बगैर टोपी लगाए ही ड्यूटी करनी पड़ रही थी। शस्त्र चलाते समय भी यह टोपी काफी परेशानी देती थी। ऐसे में नए आदेश के तहत खाकी ऊनी बैरट कैप लगाकर ड्यूटी करने में ना केवल आसानी होगी। बल्कि जवान पूरी वर्दी में ड्यूटी भी कर सकता है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डीजीपी के आदेश से लोग अवगत हो चुके हैं। धीरे-धीरे पुरानी टोपी हटाकर नई टोपी पहनने लगेंगे।